डीएम के पिता का निधन
बरेली में जिलाधिकारी अविनाश सिंह के पिता एवं पूर्व पीसीएस अधिकारी दिनेश बहादुर सिंह का एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे।
➡️ डीएम अविनाश सिंह के पिता का गुरुवार को निधन
➡️ एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान तोड़ा दम
➡️ 80 वर्ष की आयु, लंबे समय से थे अस्वस्थ
➡️ 1970 बैच के पीसीएस अधिकारी रहे दिनेश बहादुर सिंह
जन माध्यम
बरेली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के पिता एवं पूर्व पीसीएस अधिकारी स्वर्गीय दिनेश बहादुर सिंह का गुरुवार को निधन हो गया। उन्होंने एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में दोपहर करीब 12 बजे अंतिम सांस ली। वे 80 वर्ष के थे और पिछले करीब डेढ़ माह से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
परिजनों के अनुसार सात दिसंबर को अचानक अस्थमा का गंभीर अटैक पड़ने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें डोहरा रोड स्थित वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। कुछ समय बाद स्वास्थ्य में आंशिक सुधार हुआ और वेंटिलेटर से हटाया गया।
हालत स्थिर होने पर कुछ दिन पूर्व उन्हें एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, लेकिन दो दिन पहले एक बार फिर तबीयत बिगड़ गई। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद गुरुवार पूर्वाह्न उनका निधन हो गया।
मूल रूप से जौनपुर जनपद निवासी दिनेश बहादुर सिंह वर्ष 1970 बैच के पीसीएस अधिकारी थे। अपने सेवाकाल में उन्होंने प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं। सेवानिवृत्ति के बाद वे प्रयागराज में निवास कर रहे थे और वर्तमान में अपने पुत्र जिलाधिकारी अविनाश सिंह के साथ बरेली में रह रहे थे।
निधन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। अपर जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सहित पुलिस और प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी डीएम आवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। डीएम आवास पर पूरे दिन शोक एवं संवेदना का वातावरण बना रहा।
दिनेश बहादुर सिंह को एक सादगीपूर्ण, अनुशासित और मूल्यों से जुड़े अधिकारी के रूप में जाना जाता था। शिक्षा, नैतिकता और पारिवारिक संस्कारों को उन्होंने सदैव प्राथमिकता दी, जिसकी झलक उनके पुत्र डीएम अविनाश सिंह की प्रशासनिक कार्यशैली में भी देखने को मिलती है।
परिवार की ओर से बताया गया है कि दिवंगत का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार हेतु शुक्रवार तड़के चार बजे बरेली से प्रयागराज के रसूला घाट ले जाया जाएगा, जहां 12 से 2 बजे के बीच अंतिम संस्कार संपन्न होगा। जिलेभर से लोग दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना कर रहे हैं।