ईपीएस-95 पेंशनर्स ने उठाईं लंबित मांगें
बरेली में आयोजित ईपीएस-95 पेंशनर्स की बैठक में 40 वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया। साथ ही लंबित मांगों को लेकर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की गई।
ईपीएस-95 पेंशनर्स की बैठक में 75 वर्ष से अधिक आयु के 40 सदस्यों का सम्मान किया गया।न्यूनतम 7,500 रुपये पेंशन और चिकित्सा सुविधा सहित प्रमुख मांगों को दोहराया गया।
मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई।
जन माध्यम
बरेली।पुराने बस स्टैंड स्थित सभास्थल पर राष्ट्रीय संघर्ष समिति के तत्वावधान में ईपीएस-95 पेंशनर्स की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बरेली मंडल अध्यक्ष ए.के. अरोरा ने की। इसमें बरेली मंडल के चारों जिलों से विभिन्न विभागों और संस्थानों के पेंशनर्स ने भाग लिया।
केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार 75 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के 40 महिला और पुरुष पेंशनर्स को स्मृति चिन्ह और सम्मान पट्टिका भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित सदस्यों ने वरिष्ठ पेंशनर्स के योगदान को सराहा।
बैठक में वक्ताओं ने ईपीएस-95 पेंशनर्स की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने न्यूनतम 7,500 रुपये मासिक पेंशन के साथ महंगाई भत्ता, पेंशनर दंपतियों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, उच्च वेतन के आधार पर बिना भेदभाव पेंशन स्वीकृति तथा योजना से वंचित सदस्यों को 5,000 रुपये मासिक सहायता दिए जाने की मांग दोहराई।
कार्यक्रम में अशोक कुमार मिश्रा, वेद पाल सिंह, महेश कुमार अग्रवाल, अनूप कुमार अग्रवाल, गंगा प्रसाद लोधी, चिरंजीव गौड़, जय प्रकाश मेहरोत्रा, सुधीर कुमार उपाध्याय, कैलाश नाथ, नरेंद्र प्रकाश सक्सेना और आर.एस. गुप्ता सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने मांगों के समाधान में हो रही देरी पर नाराजगी जताई।
बैठक का संचालन राम प्रकाश शर्मा ने किया। महासचिव अशोक कुमार मिश्रा ने केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जारी शपथपत्र का वाचन कर उपस्थित सदस्यों को संगठन के प्रति समर्पण और संघर्षशील बने रहने की शपथ दिलाई।
अध्यक्षीय संबोधन में ए.के. अरोरा ने सरकार से पेंशनर्स की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो केंद्रीय नेतृत्व को व्यापक आंदोलनात्मक कार्यक्रम घोषित करना चाहिए। बैठक के अंत में उपस्थित सभी पेंशनर्स का आभार व्यक्त किया गया।