बरेली नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में बढ़ा गौरव, दो मरीजों की आंखों में लौटी रोशनी
बरेली के फोकस नेत्रालय में 19 और 20 अगस्त को लगातार दो सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण किए गए। संस्थान को कॉर्निया प्रत्यारोपण, नेत्र बैंक और नेत्र प्राप्ति केंद्र के संचालन की अनुमति भी मिली है।
फोकस नेत्रालय में 19 और 20 अगस्त को लगातार दो कॉर्निया प्रत्यारोपण किए गए।
संस्थान को कॉर्निया प्रत्यारोपण, नेत्र बैंक और नेत्र प्राप्ति केंद्र संचालन की अनुमति मिली।
नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सेवाओं को मजबूत करने पर जोर।
जन माध्यम
बरेली। किसी की दुनिया अंधेरे में डूब जाए और फिर उसे दोबारा रोशनी दिखाई देने लगे, इससे बड़ा उपहार शायद ही कोई हो। बरेली के लिए गर्व की बात है कि राजेंद्र नगर स्थित फोकस नेत्रालय ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लगातार दो सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण किए हैं। 19 और 20 अगस्त को हुए इन प्रत्यारोपणों के साथ ही शहर में जरूरतमंद मरीजों को उन्नत नेत्र उपचार मिलने की नई उम्मीद जगी है।
फोकस नेत्रालय को संबंधित प्राधिकरण से मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत कॉर्निया प्रत्यारोपण, नेत्र बैंक और नेत्र प्राप्ति केंद्र के संचालन की अनुमति भी मिल चुकी है। यह उपलब्धि केवल एक चिकित्सकीय सफलता नहीं, बल्कि बरेली और आसपास के उन मरीजों के लिए उम्मीद की किरण है, जिनकी आंखों की रोशनी कॉर्निया खराब होने के कारण छिन गई है।
नेत्रालय की विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. कानुप्रिया अग्रवाल ने कहा कि कॉर्निया प्रत्यारोपण किसी व्यक्ति को सिर्फ उपचार नहीं देता, बल्कि उसे फिर से दुनिया देखने का अवसर देता है। लगातार दो सफल प्रत्यारोपण हमारे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों हैं। हमारा प्रयास है कि बरेली और आसपास के मरीजों को ऐसी उन्नत नेत्र सेवाओं के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।नेत्रदान को लेकर भी संस्थान की ओर से लोगों को जागरूक करने की पहल की जा रही है। किसी व्यक्ति के जाने के बाद उसकी आंखें किसी दूसरे की जिंदगी में रोशनी बन सकती हैं। यही वजह है कि नेत्रदान को महादान कहा जाता है।
फोकस नेत्रालय की टीम का कहना है कि नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी गरिमा और सम्मान के साथ की जाती है। संस्थान आने वाले समय में नेत्रदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, नेत्र बैंक और नेत्र प्राप्ति सेवाओं को मजबूत करने तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा।बरेली के लिए यह सिर्फ दो सफल प्रत्यारोपण नहीं, बल्कि दो जिंदगियों में लौटती उम्मीद और रोशनी की कहानी है। “नेत्रदान जीवन के बाद भी किसी की दुनिया रोशन करने का सबसे खूबसूरत संकल्प।”