बरेली: दबंगों ने उजाड़ी मक्के की फसल, विरोध पर घर में घुसकर पूरे परिवार को लहूलुहान किया, एसएसपी से गुहार
विशारतगंज के बेहटा बुजुर्ग गांव में मक्के की फसल बर्बाद करने का विरोध करने पर दबंगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। घायलों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की है।
दबंगई की इंतहा: मक्के की फसल बर्बाद करने का विरोध करने पर लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से लैस होकर घर में घुसे हमलावर।
पूरा परिवार लहूलुहान: लगातार दो दिन (29 और 30 मई) हुआ हमला, भाई की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर।
बरेली। थाना विशारतगंज क्षेत्र के ग्राम बेहटा बुजुर्ग में दबंगई और खूनी संघर्ष का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। खेत में खड़ी मक्के की फसल को बर्बाद करने का विरोध करने पर गांव के ही दबंगों ने लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और तमंचे से लैस होकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में महिलाएं और युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने से आहत लहूलुहान पीड़ित परिवार ने शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
मक्के की फसल उजाड़ने का विरोध करने पर घर में घुसे हमलावर
ग्राम बेहटा बुजुर्ग निवासी पीड़िता नीलम पुत्री वीरेंद्र ने बताया कि उनके खेत में खड़ी मक्के की फसल को गांव के कुछ दबंग लोग और उनके बच्चे लगातार नुकसान पहुंचा रहे थे। शुक्रवार (29 मई) को जब उनकी छोटी बहन ने बच्चों को फसल बर्बाद करने से रोका, तो आरोपी पक्ष आगबबूला हो गया। आरोप है कि दोपहर करीब दो बजे मनोज, विजय, मुनीश, लखन, पवन और राहुल समेत कई लोग लाठी-डंडे लेकर उनके घर में घुस आए। इन लोगों ने घर का सामान फेंक दिया और नीलम व उसके परिवार को बेरहमी से घसीटकर पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान महिलाओं से अभद्रता की गई और तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।
अगले ही दिन फिर हुआ जानलेवा हमला, भाई की हालत नाजुक
पीड़िता ने बताया कि 29 मई को डायल-112 पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। लेकिन दबंगों के हौसले इतने बुलंद थे कि शनिवार (30 मई) की सुबह उन्होंने दोबारा नीलम की छोटी बहन को रास्ते में घेरकर हमला कर दिया। बहन को बचाने जब उसका भाई और अन्य परिजन दौड़े, तो हमलावरों ने धारदार हथियारों से उन पर वार कर दिए। इस हमले में भाई के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसे नाजुक हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
विशारतगंज पुलिस पर लगा साठगांठ का आरोप, एसएसपी से सुरक्षा की मांग
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद विशारतगंज थाने में तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने राजनीतिक दबाव और आरोपियों से साठगांठ के चलते एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की। थक-हारकर शनिवार को पूरे परिवार ने सिर पर पट्टियां बंधी हालत में एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा। नीलम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।