खामोशी से बदली गई बीडीए की कमान
सीएम दौरे से पहले बीडीए में बड़ा बदलाव, मनिकंडन की जगह सौम्या पांडेय को मिली जिम्मेदारी।
ग्रेटर बरेली, रामगंगा नगर और रुद्र वनम जैसी परियोजनाओं के बीच हुआ बड़ा प्रशासनिक बदलाव।
विकास की अधूरी इबारत को मुकम्मल करने की जिम्मेदारी अब नई उपाध्यक्ष के कंधों पर।
एक आदेश ने बदला बीडीए का नेतृत्व, अब रफ्तार और नतीजों की होगी असली परीक्षा।
जन माध्यम
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले शासन ने बरेली विकास प्राधिकरण बीडीए में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन को पद से हटा दिया है। उनकी जगह वर्ष 2017 बैच की आईएएस अधिकारी सौम्या पांडेय को बीडीए का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें आरएफसी बरेली का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। डॉ. मनिकंडन को शासन ने प्रतीक्षारत रखा है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब बरेली विकास के कई बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं। ऐसे में बीडीए की कमान बदलने को प्रशासनिक हलकों में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
डॉ. ए. मनिकंडन के कार्यकाल में शहर के सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं को गति मिली। रुद्र वनम, सेंट्रल पार्क और रामायण वाटिका जैसी परियोजनाओं ने न केवल सरकारी फाइलों से निकलकर जमीन पर आकार लेना शुरू किया, बल्कि शहर के भविष्य की नई तस्वीर भी पेश की। इन योजनाओं को जिले के बदलते शहरी स्वरूप की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
उनके कार्यकाल की सबसे चर्चित उपलब्धियों में ग्रेटर बरेली आवासीय योजना शामिल रही। 224 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विकसित हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए हाल ही में करीब 200 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया। इसके अलावा रामगंगा नगर परियोजना, साइंस पार्क और प्रस्तावित इंडस्ट्रियल टाउनशिप के विकास को भी प्राथमिकता दी गई। अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृति निर्माण के खिलाफ चलाए गए अभियान ने भी प्रशासन की सख्त कार्यशैली का संकेत दिया।
अब बीडीए की कमान संभालने जा रही आईएएस सौम्या पांडेय अपने उत्कृष्ट प्रशासनिक रिकॉर्ड और जनसंवेदनशील कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। प्रयागराज निवासी सौम्या पांडेय ने महज 23 वर्ष की आयु में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में देशभर में चौथी रैंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी। एमएनएनआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और गोल्ड मेडल हासिल करने वाली सौम्या पांडेय प्रशासनिक सेवाओं में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। कोविड काल में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें बेस्ट डीएम अवार्ड से सम्मानित किया गया था। आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और संवेदनशील तरीके से समाधान निकालने की उनकी कार्यशैली अक्सर चर्चा का विषय रही है। जिले में अब विकास की कई बड़ी परियोजनाएं अपने अहम पड़ाव पर हैं। ऐसे में नई उपाध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन योजनाओं को तय समय में पूरा करने और शहर के विस्तार को व्यवस्थित दिशा देने की होगी। प्रशासनिक बदलाव के इस फैसले ने विकास प्राधिकरण की कार्यशैली और आगामी योजनाओं को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब शहर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सौम्या पांडेय के नेतृत्व में बरेली के विकास का सफर कितनी नई रफ्तार और कितनी नई ऊंचाइयां हासिल करता है।