शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी मिले कैशलेस चिकित्सा सुविधा
शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में लाने की मांग।
वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरी शंकर ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से ई-मेल से भेजा।
आश्रित परिवारजनों को भी चिकित्सा सुविधा का लाभ देने की मांग की गई।
जन माध्यम
बरेली। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं रसोइयों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हरी शंकर ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बरेली के माध्यम से ई-मेल द्वारा प्रेषित किया है।
ज्ञापन में हरी शंकर ने कहा कि जब विभिन्न कर्मचारी वर्गों को चिकित्सा सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवस्था की गई है, तो अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस सुविधा से लाभान्वित किया जाना आवश्यक है। उनका कहना है कि बीमारी किसी कर्मचारी के पद या विभाग को देखकर नहीं आती, इसलिए चिकित्सा सुरक्षा भी सभी पात्र कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है।
ज्ञापन में कहा गया है कि गंभीर बीमारी और आकस्मिक उपचार का खर्च सामान्य कर्मचारी परिवार के लिए आर्थिक संकट का कारण बन सकता है। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा सुविधा कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहतकारी हो सकती है।
हरी शंकर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में लाने के साथ नियमानुसार उनके आश्रित परिवारजनों को भी इसका लाभ दिया जाए। परिषद ने शासन स्तर से शीघ्र आवश्यक आदेश जारी कर सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है।