एक लाख का इनामी सरबजीत मुठभेड़ में ढेर
डीआईजी अजय कुमार साहनी और एसपी पीलीभीत के नेतृत्व में पुलिस की बड़ी सफलता, जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ कुख्यात; दो पुलिसकर्मी भी घायल
डीआईजी अजय कुमार साहनी और एसपी पीलीभीत के नेतृत्व में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन
एक लाख का इनामी बदमाश मुठभेड़ में ढेर
पुलिस पर जानलेवा फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब, व्यापारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी का हुआ अंत
जन माध्यम
बरेली।पीलीभीत। परिक्षेत्र में अपराधियों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। पुलिस डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में चल रहा अपराध विरोधी अभियान अपराध जगत के लिए किसी सख्त चेतावनी से कम साबित नहीं हो रहा। उनकी स्पष्ट कार्यशैली, तेज़ निगरानी और अपराधियों के प्रति बिना किसी नरमी के रवैये ने यह संदेश दे दिया है कि जो कानून को चुनौती देगा, उसका अंजाम कानून ही तय करेगा। व्यापारी पप्पू गुप्ता की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। एक परिवार की खुशियां उजड़ गई थीं और व्यापारियों के दिलों में डर बैठ गया था। लेकिन डीआईजी अजय कुमार साहनी ने इस वारदात को केवल एक मुकदमा मानकर फाइलों में दबने नहीं दिया। उन्होंने पूरी कार्रवाई की लगातार मॉनिटरिंग की और पीलीभीत पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए कि हत्यारों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि कानून के सामने उनकी जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसी रणनीति का परिणाम रहा कि डेढ़ लाख रुपये के इनामी और कुख्यात अपराधी शिवम उर्फ सर्वजीत तक पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखते ही उसने एक बार फिर कानून पर गोलियां बरसाईं, लेकिन इस बार सामने ऐसी पुलिस थी जो अपराधियों की गोलियों से डरने वाली नहीं थी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में उसका आपराधिक सफर हमेशा के लिए समाप्त हो गया। मुठभेड़ में पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन डीआईजी अजय कुमार साहनी ने केवल घटनास्थल का निरीक्षण कर औपचारिकता नहीं निभाई। वे स्वयं अस्पताल पहुंचे, घायल एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक उमेश त्यागी और हेड कांस्टेबल हरेन्द्र सिंह का हालचाल लिया, उनका हौसला बढ़ाया और यह संदेश दिया कि जो पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, पुलिस नेतृत्व हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। शिवम उर्फ सर्वजीत कोई सामान्य अपराधी नहीं था। हत्या, गैंगस्टर और कई संगीन मामलों में वांछित यह अपराधी लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंकता फिर रहा था। वर्ष 2025 के चर्चित जीशान हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। ऐसे अपराधी का अंत केवल एक मुठभेड़ नहीं, बल्कि अपराध के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में परिक्षेत्र की पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के लिए कानून से बच निकलने के रास्ते लगातार संकरे होते जा रहे हैं। उनकी कार्यशैली का सबसे मजबूत पक्ष यह है कि वे केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि हर बड़ी कार्रवाई की स्वयं निगरानी करते हैं और ज़मीनी स्तर पर पुलिस बल का मनोबल बढ़ाते हैं। आज परिक्षेत्र में अपराधियों के बीच यह संदेश साफ़ है कि अब बंदूक की नली से नहीं, कानून की ताकत से फैसला होगा। डीआईजी अजय कुमार साहनी के नेतृत्व में चल रही सख्त कार्रवाई ने अपराध जगत में खलबली मचा दी है। कानून का शिकंजा लगातार कस रहा है और यह अभियान उन लोगों के लिए स्पष्ट चेतावनी है जो मासूमों का खून बहाकर दहशत का साम्राज्य खड़ा करना चाहते हैं उत्तर प्रदेश पुलिस की पकड़ से बच पाना अब आसान नहीं।