सम्पूर्ण समाधान दिवस में कमिश्नर सख़्त 

बरेली में सम्पूर्ण समाधान दिवस में कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी ने अधिकारियों को सख़्त निर्देश दिए कि हर शिकायत समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित हो।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में कमिश्नर सख़्त 
HIGHLIGHTS:

➡️ स्थान: तहसील सदर सभागार, बरेली
➡️ अध्यक्ष: कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी
➡️ निर्देश: शिकायतें समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारित हों
➡️ प्राथमिकता: शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोपरि
➡️ विभाग: आपूर्ति, विद्युत निगम, कृषि, पुलिस, राजस्व, भूमि विवाद
➡️ उपस्थिति: उपजिलाधिकारी सदर और सभी संबंधित अधिकारी
➡️ परिणाम: अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ी, समाधान दिवस प्रभावी

अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश शिकायतें समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित हों

जन माध्यम 
बरेली।
तहसील सदर स्थित सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में गुरुवार को कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी ने प्रतिभाग किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा, बल्कि अधिकारियों को शासन की मंशानुरूप कार्य करने के लिए स्पष्ट और ठोस दिशा-निर्देश भी दिए। समाधान दिवस में उनकी उपस्थिति से माहौल और अधिक गंभीर तथा जवाबदेह दिखाई दिया। कमिश्नर ने सर्वप्रथम अधिकारियों की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया और रजिस्टरों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने यह देखकर संतोष व्यक्त किया कि शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत समस्याओं को विधिवत दर्ज किया जा रहा है, लेकिन साथ ही उन्होंने इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने पर जोर दिया।उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को सख़्त निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता स्तर पर लेते हुए समयबद्ध, तथ्यात्मक और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायतों के निपटारे की औपचारिकता पूरी करने के स्थान पर उन्होंने शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोपरि रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में निस्तारण रिपोर्ट लगाने से पहले शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता कर यह सुनिश्चित किया जाए कि उसके अनुसार समस्या का समाधान वास्तव में हुआ है या नहीं।
यह निर्देश अधिकारियों के लिए स्पष्ट संदेश था कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता भर नहीं, बल्कि जनता से सीधे संवाद का एक गंभीर और जिम्मेदार मंच है।समाधान दिवस के दौरान आपूर्ति विभाग, विद्युत निगम, कृषि विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व से संबंधित मामलों के साथ-साथ भूमि विवाद जैसी शिकायतें अधिक संख्या में प्राप्त हुईं। कमिश्नर ने विभागवार समस्याओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर मामले को उसी गंभीरता से लिया जाए, जिस गंभीरता से शिकायतकर्ता अपनी समस्या लेकर यहां आता है।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। कमिश्नर के स्पष्ट निर्देशों ने अधिकारियों में जवाबदेही की भावना और अधिक मजबूत की है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी दिनों में समाधान दिवस की प्रभावशीलता और बढ़ेगी तथा जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित होगा।
यह आयोजन प्रशासन और जनता के बीच सेतु का काम करता है, और कमिश्नर की सक्रियता ने समाधान दिवस को और अधिक सार्थक बना दिया।