धान खरीद तेज़ी पर किसानों को बड़ी राहत

बरेली में धान खरीद प्रक्रिया तेज़, किसानों को 48 घंटे में भुगतान, योगी सरकार ने वादा पूरा किया।

धान खरीद तेज़ी पर किसानों को बड़ी राहत
HIGHLIGHTS:

➡️ स्थान: बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं
➡️ किसान: 17,077 किसानों को लाभ
➡️ धान खरीदी: 1,06,853 मीट्रिक टन
➡️ भुगतान: 24,536 लाख रुपये सीधे DBT में, 48 घंटे में
➡️ MSP: सामान्य धान 2369/क्विंटल, ग्रेड-ए 2389/क्विंटल
➡️ अभियान: अक्टूबर से जारी, लक्ष्य 7.19 लाख मीट्रिक टन
➡️ परिणाम: किसानों को समय पर भुगतान, गेहूँ बुवाई की तैयारी आसान

किसानों को 48 घंटे में भुगतान, योगी सरकार का वादा पूरा

जन माध्यम 
बरेली।
किसानों की मेहनत की कमाई अब उनकी जेब तक बिना देरी पहुँच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख़्त निर्देशों के बाद मंडल में धान खरीद प्रक्रिया ने अभूतपूर्व गति पकड़ ली है। खेत से लेकर क्रय केंद्र तक प्रशासनिक टीम मुस्तैद है और किसानों से धान खरीदकर 48 घंटे में भुगतान उनके खाते में भेजा जा रहा है। इससे किसान न सिर्फ राहत महसूस कर रहे हैं, बल्कि समय से गेहूँ की बुवाई की तैयारी भी कर पा रहे हैं।
एक अक्टूबर से मंडल में खरीद जारी,1.06 लाख एमटी धान की खरीदी पूरी बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं जिलों में एक अक्टूबर से धान खरीद अभियान चल रहा है। रीजनल फूड मार्केटिंग ऑफिसर सचिन चौरसिया के अनुसार, मंडल में 7 लाख 19 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके मुकाबले अब तक 1,06,853 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। यही नहीं, मंडल के 17,077 किसानों को 24,536 लाख रुपये उनके खातों में स्थानांतरित किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि किसान किसी भी स्थिति में परेशान न हों और भुगतान में एक दिन की भी देरी न हो।सरकार का स्पष्ट संदेश,किसान का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा
योगी सरकार ने सामान्य धान का एमएसपी 2369 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि ग्रेड-ए धान का एमएसपी 2389 रुपये तय किया है। किसानों को पैसा सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजा जा रहा है। प्रदेश स्तर पर भी यह अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 2.86 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 65,820 टन अधिक है। 43,105 किसानों को 545 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे गए हैं।
सरकार ने साफ किया है कि कोई भी क्रय केंद्र तब तक बंद नहीं होगा, जब तक किसानों के पास धान मौजूद है। फरवरी तक बढ़ी अवधि और मौजूदा रफ्तार को देखते हुए उम्मीद है कि प्रदेश 60 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के करीब पहुँचेगा। किसानों के हित में चल रहे इस अभियान ने मैदान स्तर पर सरकारी मशीनरी की सक्रियता को जायज ठहराया है और किसानों को समय पर उनका हक मिल रहा है।