सैंथल में शिया समुदाय ने मनाया यौम-ए-विलादत, राहगीरों को कराया भोजन
सैंथल में शिया समुदाय ने यौम-ए-विलादत के मौके पर दस्तरख्वान सजाकर राहगीरों को भोजन और जलपान कराया। लोगों को मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया गया।
सैंथल में यौम-ए-विलादत पर शिया समुदाय ने खुशी मनाई।
राहगीरों के लिए दस्तरख्वान सजाकर भोजन और जलपान कराया।
आयोजन के जरिए मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया।
जन माध्यम
बरेली सैंथल। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की यौम-ए-विलादत के मौके पर सोमवार को सैंथल में शिया समुदाय ने अकीदत और खुशी के साथ आयोजन किया। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और खुशी का इजहार किया।
विलादत के मौके पर समुदाय के युवाओं ने रेशू हैदर की दुकान के सामने सार्वजनिक दस्तरख्वान सजाया। यहां आने-जाने वाले राहगीरों को रोककर प्रेमपूर्वक भोजन और जलपान कराया गया। काफी देर तक चले इस सिलसिले में लोगों की खिदमत की गई।
इसी क्रम में इसरार अहमद ने अपने आवास पर विभिन्न पकवान तैयार कराकर अहले-बस्ती के लोगों के लिए दावत का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर भोजन ग्रहण किया।
शिया समुदाय की धार्मिक मान्यता के अनुसार पैगंबर-ए-इस्लाम की पैदाइश 17 रबीउल अव्वल को हुई थी, जबकि सुन्नी समुदाय 12 रबीउल अव्वल को यौम-ए-विलादत मनाता है। सैंथल में दोनों समुदाय अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवसर को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाते हैं।
आयोजन के दौरान सार्वजनिक दस्तरख्वान और राहगीरों की खिदमत के जरिए मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम दिया गया।