दशकों से बदहाल रिठौरा-अभयपुर रोड, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार?
रिठौरा-अभयपुर रोड की बदहाली से सैकड़ों गांवों के राहगीर परेशान हैं। टूटी सड़क और गहरे गड्ढों के बीच हादसे का खतरा बना हुआ है।
रिठौरा-अभयपुर रोड पर जगह-जगह टूटे हिस्से और गहरे गड्ढे।
सैकड़ों गांवों के स्कूली बच्चों, किसानों और राहगीरों का इसी मार्ग से आवागमन।
वर्षों से मरम्मत की मांग के बीच जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार विभाग से सवाल।
जन माध्यम
बरेली। मैं रिठौरा-अभयपुर रोड हूं... वर्षों से अपनी बदहाली का दंश झेल रहा हूं। रिठौरा को नैनीताल रोड से जोड़ने वाले इस मार्ग से क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के लोग रोज गुजरते हैं। स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, व्यापारी और मरीज सभी के लिए यह रास्ता महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्षों से इसकी हालत जस की तस बनी हुई है।
जगह-जगह टूटी सड़क और गहरे गड्ढे राहगीरों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर खास तौर पर जोखिम भरा हो जाता है और हादसे की आशंका बनी रहती है।
विडंबना यह है कि विकास के नाम पर जनता ने कभी भाजपा के बहोरन लाल मौर्य को चुना तो पिछले करीब दस वर्षों से समाजवादी पार्टी के शहजिल इस्लाम को विधायक बनाया। सत्ता और विपक्ष के जनप्रतिनिधि बदलते रहे, लेकिन सड़क की बदहाली दूर नहीं हुई।
सड़क की दुर्दशा अब सीधे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि चुनाव के दौरान जनता और उसकी समस्याएं याद आती हैं, तो विकास कार्यों के समय यही सड़क क्यों नजरअंदाज हो जाती है?
हादसे का इंतजार या अब होगी मरम्मत?
रिठौरा-अभयपुर रोड की हालत किसी बड़े हादसे का कारण बनने से पहले सुधार की मांग कर रही है। सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों की नींद कब टूटेगी? क्या सड़क की मरम्मत के लिए किसी गंभीर हादसे का इंतजार किया जाएगा?