90 हजार की मजदूरी मांगने गया बेटा, घर लौटी उसकी लाश; पिता ने हत्या का लगाया आरोप
बरेली में एक पिता ने आरोप लगाया है कि 90 हजार रुपये की बकाया मजदूरी मांगने गए उसके बेटे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
• पिता का आरोप- 90 हजार रुपये की बकाया मजदूरी मांगने पर बेटे की हत्या कर दी गई।
• शिकायत में कई लोगों को नामजद करते हुए निष्पक्ष जांच और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग।
• बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कराए जाने का भी आरोप, पुलिस जांच की मांग तेज।
जन माध्यम
बरेली। जिस बेटे के सहारे एक पिता ने अपने बुढ़ापे के सपने संजोए थे, आज उसी बेटे की मौत का दर्द लेकर वह इंसाफ की चौखट पर खड़ा है। पिता का आरोप है कि नौ महीने की मेहनत की कमाई मांगने गए उसके बेटे को ऐसी बेरहमी से पीटा गया कि उसकी जान चली गई। अब परिवार की एक ही मांग है कि सच सामने आए और दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाए।
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के गांव धनतिया निवासी ओमकार ने पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनका पुत्र देवेंद्र कुमार पिछले करीब एक वर्ष से गांव के ही ऋतिक की ओला कार चलाता था। उसके बदले प्रतिमाह 10 हजार रुपये वेतन तय था, लेकिन करीब नौ महीने की 90 हजार रुपये की मजदूरी बकाया थी। शिकायत के मुताबिक, देवेंद्र जब भी अपने मेहनताने की मांग करता, उसे टाल दिया जाता और इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया।
पीड़ित पिता का आरोप है कि दो मार्च 2026 की सुबह एक फोन कॉल के जरिए देवेंद्र को घर से बुलाया गया। इसके बाद उसे बरेली शहर के पास एक वीआई टावर के निकट ले जाया गया, जहां पहले से मौजूद कई लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की और फिर कथित तौर पर लोहे की रॉड तथा डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया। शिकायत में दावा किया गया है कि सिर, चेहरे और हाथ पर गंभीर चोटें लगने से उसकी मौत हो गई।
सबसे दर्दनाक आरोप इसके बाद का है। पिता का कहना है कि आरोपियों ने परिवार को यह कहकर बुलाया कि देवेंद्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो वह खून से लथपथ हालत में वाहन में पड़ा मिला। उसे जिला अस्पताल और फिर गंगाशील अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
ओमकार ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि बेटे की मौत के बाद बिना विधिक प्रक्रिया पूरी किए और बिना पोस्टमार्टम कराए जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। उनका कहना है कि यदि पोस्टमार्टम होता तो मौत की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती थी।
पीड़ित पिता ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उनका परिवार केवल एक ही उम्मीद के सहारे जी रहा है कि बेटे को तो वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन उसे न्याय जरूर मिलना चाहिए।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शिकायत में लगाए गए आरोप पीड़ित पक्ष के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।