बसपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शरीफ अली ने दिया इस्तीफा

बरेली में बसपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मो. शरीफ अली ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने वैचारिक मतभेदों को अपने निर्णय का आधार बताया।

बसपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शरीफ अली ने दिया इस्तीफा
HIGHLIGHTS:

• बसपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मो. शरीफ अली ने पार्टी से इस्तीफा दिया।

• इस्तीफे में वैचारिक मतभेद और मूल उद्देश्यों से भटकने का आरोप लगाया।

• सामाजिक न्याय और बहुजन आंदोलन के लिए आगे भी काम करने की बात कही।

जन माध्यम
 बरेली
। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मो. शरीफ अली ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष, बरेली के माध्यम से सौंपा है।

अपने इस्तीफे में शरीफ अली ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय लंबे वैचारिक मंथन और गंभीर चिंतन के बाद लिया है। उन्होंने कहा कि बसपा की स्थापना मान्यवर कांशीराम ने समाज के वंचित, शोषित, दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्गों को सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी दिलाने के उद्देश्य से की थी।

शरीफ अली ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में पार्टी अपने मूल वैचारिक उद्देश्यों से भटकती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय की मूल भावना की जगह सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की नीति को प्राथमिकता मिलने से बहुजन आंदोलन की वैचारिक दिशा प्रभावित हुई है।

उन्होंने अपने इस्तीफे में अल्पसंख्यक समाज, विशेषकर मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर पार्टी अपेक्षित मजबूती और मुखरता से अपनी बात नहीं रख सकी। उनका कहना है कि सामाजिक न्याय का उद्देश्य तभी पूरा हो सकता है, जब प्रत्येक शोषित और वंचित वर्ग की आवाज को समान रूप से महत्व मिले।

मो. शरीफ अली ने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि अपने वैचारिक सिद्धांतों, संविधान, सामाजिक न्याय और बहुजन महापुरुषों के मिशन के प्रति प्रतिबद्धता के कारण है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह भविष्य में भी डॉ. भीमराव आंबेडकर, मान्यवर कांशीराम तथा बहुजन आंदोलन के विचारों के लिए कार्य करते रहेंगे।