जयंती पर सड़क सुरक्षा रैली
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर बरेली में सड़क सुरक्षा रैली निकाली गई। एसपी ट्रैफिक अकमल खान की अगुवाई में हेलमेट और ट्रैफिक नियमों के पालन का संदेश दिया गया।
➡️ नेताजी जयंती पर बरेली में अनुशासित बाइक रैली
➡️ गांधी उद्यान से अयूब खां चौराहा तक निकली रैली
➡️ सभी प्रतिभागियों ने पहना हेलमेट, नियमों का पालन
➡️ एसपी ट्रैफिक अकमल खान ने दिलाई सुरक्षित ड्राइविंग की शपथ
जन माध्यम
बरेली। जब किसी शहर की सड़कों पर कानून सिर्फ डर नहीं, बल्कि समझ बनकर उतरे तब बदलाव तय होता है। बरेली में शुक्रवार को कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एक भव्य और अनुशासित दोपहिया वाहन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस पूरे आयोजन की धुरी रहे एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान, सराहनीय कार्य किया और उनकी कार्यशैली ने यह साबित कर दिया कि ट्रैफिक पुलिस सिर्फ चालान काटने का नाम नहीं, बल्कि जीवन बचाने का मिशन है। गांधी उद्यान से शुरू हुई यह बाइक रैली डेलापीर होते हुए अयूब खां चौराहा से गुजरकर पुन गांधी उद्यान में आकर संपन्न हुई। सैकड़ों दोपहिया वाहन, सभी के सिर पर हेलमेट, नियंत्रित गति और पूर्ण ट्रैफिक अनुशासन यह दृश्य अपने आप मे जनता के लिए एक संदेश था। रैली के दौरान कहीं शोर नहीं, कहीं अराजकता नहीं, बल्कि सड़क पर अनुशासन का चलता फिरता पाठ पढ़ाया जा रहा था।
एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान की इस पहल की सबसे बड़ी ताकत यह रही कि उन्होंने उपदेश नहीं, उदाहरण के सिद्धांत को अपनाया। रैली में शामिल हर अधिकारी, हर कर्मचारी स्वयं नियमों का पालन करता नजर आया। यही वजह रही कि राह चलते लोग रुककर इस अनुशासित रैली को देखते रहे और संदेश स्वत उनके मन में उतरता चला गया हेलमेट जीवन रक्षक है, नियम जीवन की गारंटी हैं। इस जागरूकता अभियान में यातायात पुलिस के साथ परिवहन विभाग, वाहन डीलर, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रही। सम्भागीय परिवहन अधिकारी पंकज सिंह, सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन प्रणव झा, एआरटीओ प्रशासन डॉ. प्रवेश कुमार सरोज, एआरटीओ प्रवर्तन वैभव सोती, सम्भागीय निरीक्षक अजय कुमार गुप्ता सहित तमाम अधिकारी एक मंच पर दिखाई दिए। यह समन्वय साफ संकेत देता है कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब बिखरा नहीं, बल्कि एकजुट है।
रैली के दौरान आम नागरिकों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, गति सीमा का पालन करने, ट्रैफिक सिग्नलों का सम्मान करने और सड़क पर संयमित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क दुर्घटनाएं आकस्मिक नहीं होतीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम होती हैं और लापरवाही पर अंकुश ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। है।यह आयोजन केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं, बल्कि सड़कों पर एक नए सोच का शंखनाद था। एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने नेताजी की जयंती पर अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को सड़क सुरक्षा से जोड़कर यह जता दिया कि जब प्रशासन संवेदनशील होता है, तो नियम बोझ नहीं, सुरक्षा कवच बन जाते हैं।।जहां ट्रैफिक पुलिस डर नहीं, भरोसा बनकर सडक पर उतरी और हर नागरिक से एक ही अपील की नियम मानिए, सुरक्षित रहिए क्योंकि हर ज़िंदगी अनमोल है।