सुरंग कांड का खुलासा, मुठभेड़ में तीन गिरफ्तार

बरेली के सीबीगंज में सुरंग बनाकर 20 लाख का तांबा चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मुठभेड़ के दौरान जवाबी फायरिंग में दो बदमाश घायल हुए हैं।

सुरंग कांड का खुलासा, मुठभेड़ में तीन गिरफ्तार
HIGHLIGHTS:

पद्मावती एसोसिएट फर्म से सुरंग बनाकर चोरी किया गया था 2 टन तांबा।

मुठभेड़ में बदमाश निजाम और अब्दुल समी घायल, खालिद गिरफ्तार।

बदमाशों के पास से चोरी का माल, तमंचे, कारतूस और नकदी बरामद।

बरेली में अपराध की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि शातिर दिमाग रास्ते ढूंढ ही लेते हैं, लेकिन पुलिस ने यह साबित कर दिया कि कानून की नजर हर सुरंग तक पहुंचती है। सीबीगंज इलाके में जमीन के नीचे सुरंग बनाकर तांबा चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक ऐसी कहानी का अंत किया, जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी। एसएसपी अनुराग आर्य, जिनकी रणनीति और सख्त निगरानी ने अपराधियों की अंडरग्राउंड दुनिया को उजागर कर दिया। 28 अप्रैल को सामने आई इस वारदात ने पुलिस के होश उड़ा दिए थे। पद्मावती एसोसिएट फर्म से करीब 2 टन तांबा स्क्रैप सुरंग के जरिए पार कर लिया गया। करीब 20 लाख रुपये की इस चोरी ने यह साफ कर दिया था कि गिरोह बेहद शातिर और सुनियोजित तरीके से काम कर रहा है। लेकिन एसएसपी अनुराग आर्य ने इसे सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए चुनौती के रूप में लिया। तुरंत टीमें गठित की गईं, मुखबिर नेटवर्क को सक्रिय किया गया और हर संभावित सुराग पर काम शुरू हुआ। पुलिस की यह रणनीति रंग लाई। बुधवार को झुमका तिराहा और बिलवा पुल के बीच चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि बदमाश चोरी का माल बेचने निकल रहे हैं। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे घटनाक्रम को नाटकीय मोड़ दे दिया। जैसे ही पुलिस ने ई रिक्शा को रोकने की कोशिश की, बदमाशों ने भागने का प्रयास किया और वाहन पलट गया। घिरने के डर से उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।
लेकिन इस बार सामने  पुलिस थी तैयार, सतर्क और जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी और वे मौके पर ही काबू में आ गए। तीसरे आरोपी को भी भागने का मौका नहीं मिला। इस मुठभेड़ ने यह साफ कर दिया कि अब अपराधियों के लिए कोई सेफ जोन नहीं बचा है। गिरफ्तार आरोपियों निजाम, अब्दुल समी और मोहम्मद खालिद के पास से तमंचे, कारतूस, नकदी और चोरी किया गया तांबा बरामद हुआ है। यह गिरोह न सिर्फ तकनीकी रूप से चालाक था, बल्कि अपराध को अंजाम देने के लिए जोखिम उठाने में भी पीछे नहीं था। लेकिन एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में पुलिस की मुस्तैदी ने उनकी हर चाल को नाकाम कर दिया। यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक संदेश है जिले में अपराध की कोई भी सुरंग इतनी गहरी नहीं हो सकती, जहां तक पुलिस की पहुंच न हो। एसएसपी अनुराग आर्य की कार्यशैली ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सख्त नेतृत्व, तेज रणनीति और जमीनी पुलिसिंग मिलकर अपराध के सबसे जटिल रूप को भी खत्म कर सकती है। अब इलाके में सुकून है, लेकिन यह सुकून यूं ही नहीं आया इसके पीछे है पुलिस की वो रात दिन की मेहनत, जो हर आम नागरिक को सुरक्षित रखने के लिए लगातार जारी है।