भ्रष्टाचारियों को "करंट" लगाएंगे एक्सईएन, दो अफसरों की कमेटी बनी, करेगी घपलों की जांच

भ्रष्टाचारियों को
Photo: ब्रह्मपाल, शहर अधीक्षण अभियंता बरेली

बरेली। बिजली विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर दैनिक भास्कर की खबर का बड़ा असर देखने को मिला। खबर के प्रकाशन के तुरंत बाद अधीक्षण अभियंता नगर ब्रह्मपाल ने कड़ा एक्शन लेते हुए अवैध टेंपरेरी कनेक्शन को लेकर आदेश जारी कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

ब्रह्मपाल के इस सख्त रुख के बाद बिजली विभाग में हलचल मच गई है। उन्होंने इस मुद्दे पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में सुरेंद्र कुमार (अधिशासी अभियंता, 11 के०वी० एल०टी० अनुभाग, बरेली को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि सत्येंद्र कुमार चौहान अधिशासी अभियंता, कामर्शियल अनुभाग-द्वितीय, बरेली को सदस्य नियुक्त किया गया है।

अवैध टेंपरेरी कनेक्शन को लेकर चल रहे भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल ने सभी टेंपरेरी कनेक्शन की सूची मंगवाई है। इस सूची की गहन जांच की जाएगी और यह देखा जाएगा कि किन-किन जगहों पर अवैध कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।ब्रह्मपाल ने कहा, "भ्रष्टाचार को खत्म करना मेरी पहली प्राथमिकता है। आम जनता को सही और ईमानदारी से बिजली आपूर्ति मिले, यही हमारा लक्ष्य है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट सामने आने के बाद बिजली विभाग में मची अफरा-तफरी ने यह साफ कर दिया कि भ्रष्टाचार अपनी जड़ें जमा चुका हैं।
बिजली विभाग में अवैध टेंपरेरी कनेक्शन के जरिए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक, कुछ विभागीय कर्मी और ठेकेदार मिलकर अवैध रूप से लोगों को अस्थायी बिजली कनेक्शन देते थे और इसके बदले में मोटी रकम वसूलते है।

इन अवैध कनेक्शनों का न तो कोई आधिकारिक रिकॉर्ड होता है और न ही विभाग को इसका कोई राजस्व मिलता है। इससे सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ता है जबकि भ्रष्ट अधिकारी और ठेकेदार अपनी जेबें भरते रहते थे।
अब जब अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, तो उम्मीद की जा रही है कि इस अवैध खेल पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कोई भी कर्मचारी अगर इस तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन और बर्खास्तगी तक का प्रावधान हो सकता है।

इस कदम से आम जनता को सबसे ज्यादा फायदा होगा। अब लोगों को सही तरीके से और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत बिजली कनेक्शन मिलेंगे। अवैध कनेक्शनों की वजह से जो उपभोक्ता सही तरीके से बिजली बिल भरते थे, उन्हें बार-बार बिजली कटौती या अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब, जब इस भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसा जा रहा है, तो बिजली आपूर्ति व्यवस्था में भी सुधार होगा।