पंचायत चुनाव टालने के आरोप से राजनीतिक हलचल तेज
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर न कराने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया है।
पंचायत चुनाव टालने पर कांग्रेस का आरोप
लोकतंत्र और ग्रामीण विकास पर असर की चेतावनी
सरकार से समय पर चुनाव कराने की मांग
श्याम बिहारी भार्गव
जन माध्यम
मथुरा। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। चुनाव समय पर न कराए जाने के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत चुनावों को लेकर टालमटोल की स्थिति अपना रही है, जिससे आम जनता और संभावित प्रत्याशियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की रीढ़ होते हैं और गांवों में विकास की गति इन्हीं चुनावों पर निर्भर करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी संभावित राजनीतिक स्थिति को देखते हुए चुनाव प्रक्रिया में देरी कर सकती है। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्य प्रभावित होंगे और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
मुकेश धनगर ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पहले ही किसान परेशान हैं और यदि चुनाव समय पर नहीं होते हैं तो ग्रामीण विकास कार्य पूरी तरह बाधित हो सकते हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पंचायत चुनाव की तिथियों की शीघ्र घोषणा की जाए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित न हों।