मानसून से पहले अधूरी पड़ी नालों की सफाई
मथुरा में मानसून से पहले कई क्षेत्रों में नालों की सफाई अधूरी होने से जलभराव की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने समय रहते सफाई पूरी कराने की मांग की है।
चंदनवन, महोली और नरहौली समेत कई क्षेत्रों में नालों की सफाई अधूरी होने का आरोप।
स्थानीय लोगों ने बारिश में जलभराव और संक्रामक बीमारियों की आशंका जताई।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वच्छता अभियान के तहत सफाई कार्य जारी होने का दावा किया।
जन माध्यम
मथुरा। मानसून की दस्तक से पहले मथुरा शहर में नालों की सफाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शहर के कई क्षेत्रों में अब भी नालों की तलीझाड़ सफाई अधूरी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई पूरी नहीं हुई तो बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
चंदनवन, महोली और नरहौली सहित कई इलाकों में नालों में सिल्ट और कचरा जमा होने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय निवासी रमेश कुमार का कहना है कि उनके क्षेत्र में हल्की बारिश के दौरान ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। उनका आरोप है कि इस बार कई स्थानों पर नालों से अब तक पूरी तरह कचरा नहीं निकाला गया है, जिससे भारी बारिश होने पर पानी घरों में घुसने की आशंका बनी हुई है।
महोली क्षेत्र के लोगों का भी कहना है कि मुख्य नालों में पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोतलों और अन्य ठोस कचरे का जमाव बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो जलभराव के साथ मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
वहीं नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि 15 दिवसीय स्वच्छता अभियान के तहत शहर में नाले और नालियों की सफाई लगातार कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर सफाई कराई जा रही है ताकि मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी कराई जाए, जिससे बारिश के दौरान नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।