खुलासा: पाकिस्तानी महिला बनी सरकारी टीचर, फर्जी दस्तावेजों से पाई नौकरी अब हुई निलंबित, जाने मामला...
यूपी के बरेली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला पाकिस्तान की नागरिक है, फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली। जांच में यह खुलासा होने के बाद, शिक्षा विभाग ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
बरेली। देहात के फतेहगंज पश्चिमी के माधोपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात पाकिस्तानी महिला शुमायला खान के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। मामला सामने आने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार शुमायला खान पाकिस्तान की रहने वाली हैं। उन्होंने रामपुर से फर्जी निवास प्रमाण पत्र तैयार कराया था, जिसके आधार पर 6 नवंबर 2015 को उनकी नियुक्ति प्राथमिक शिक्षिका के रूप में हुई थी। वह फतेहगंज पश्चिमी के माधोपुर प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात थीं।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
रामपुर सदर एसडीएम ने शुमायला खान का निवास प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। इस आधार पर पुष्टि हुई कि उन्होंने गलत दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल की थी। एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि थाना फतेहगंज पश्चिमी में आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शुमायला खान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एक पाकिस्तानी नागरिक द्वारा इतने वर्षों तक सरकारी नौकरी करना विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। अब विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि नौ सालों में उन्हें दिए गए वेतन की वसूली कैसे की जाए।