मतदाता सूची में बुज़ुर्ग को मृत दिखाने का विवाद
बहेड़ी के विहारीपुर में सरफुद्दीन को जिंदा रहते वोटर लिस्ट से मृत दिखाकर नाम काटा, बेटे सलीम ने SDM से की शिकायत, बीएलओ पर कार्रवाई मांग।
➡️ जिंदा बुजुर्ग को वोटर लिस्ट में मृत दिखाया
➡️ सरफुद्दीन का नाम भाग-191 से गायब
➡️ पिछले लोकसभा चुनाव में किया था मतदान
➡️ बेटे सलीम ने SDM से शिकायत की
➡️ बीएलओ पर कार्रवाई और वोट बहाल की मांग
➡️ लोकतंत्र में वोट का अधिकार खतरे में
सलीम ने उपजिलाधिकारी से की शिकायत, पिता का वोट दोबारा दर्ज कराने और बीएलओ पर कार्रवाई की मांग
डेस्क/ जन माध्यम
बहेड़ी,बरेली। बहेड़ी।लोकतंत्र में हर नागरिक का मताधिकार उसकी सबसे बड़ी पहचान है, लेकिन कभी-कभी कागजी भूलें या लापरवाही उस अधिकार को छीन लेती हैं। तहसील बहेड़ी के ग्राम विहारीपुर में ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है। सरफुद्दीन नामक बुज़ुर्ग को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया और उसके मतदाता सूची से नाम काट दिया गया। इस गलती ने बुज़ुर्ग और उनके परिवार के होश उड़ा दिए। सरफुद्दीन के पुत्र सलीम का कहना है कि उनके पिता का वोट भाग संख्या 191, मकान संख्या 714 में दर्ज था और उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान भी किया था। बावजूद इसके बीएलओ ने उन्हें कागजों में मृत दिखा दिया। यह केवल एक प्रशासनिक त्रुटि नहीं है, बल्कि बुज़ुर्ग के संवैधानिक अधिकार के साथ खिलवाड़ है। सलीम ने तुरंत उपजिलाधिकारी से शिकायत की और पिता का वोट दोबारा बनवाने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोपी बीएलओ पर कड़ी कार्रवाई की भी अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर मतदाता की आवाज़ मायने रखती है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मतदाता सूची की निगरानी और बीएलओ की जिम्मेदारी कितनी गंभीरता से निभाई जा रही है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो यह केवल व्यक्तिगत क्षति ही नहीं, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।
उपजिलाधिकारी ने मामले की जानकारी लेने और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। परिवार की उम्मीद है कि जल्द ही सरफुद्दीन का नाम मतदाता सूची में दोबारा दर्ज होगा और लोकतंत्र में उनकी आवाज़ को सही सम्मान मिलेगा।
यह मामला सिर्फ़ एक गलती नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना को समझने और उसे सहेजने की चुनौती भी है।