करोड़ों की ठगी का खुलासा
बरेली कैनविज़ घोटाला: कन्हैया गुलाटी, पत्नी-बेटे-साले पर 2 नए केस, करोड़ों की ठगी में गैंगस्टर एक्ट लगने की तैयारी।
➡️ कैनविज़ MD कन्हैया गुलाटी पर 2 नए मुकदमे
➡️ पत्नी-बेटा-साला-एजेंट सब जांच के दायरे में
➡️ करोड़ों की ठगी, 43 बाउंस चेक
➡️ विदेश भागने की कोशिश, LOC-पासपोर्ट सस्पेंशन शुरू
➡️ गैंगस्टर एक्ट लगने की पूरी तैयारी
➡️ निवेशकों से अपील: अब शिकायत दर्ज कराएं
कैनविज एमडी कन्हैया गुलाटी और परिवार के खिलाफ दो नए मुकदमे, गैंगस्टर एक्ट की तैयारी
डेस्क/ जन माध्यम
बरेली। करोड़ों की ठगी का साम्राज्य अब ढहने के कगार पर है। कैनविज इंफा कारपोरेशन लिमिटेड के एमडी कन्हैया गुलाटी पर दो और नए मुकदमे दर्ज होने के साथ ही पूरे गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की तलवार लटकी है। एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट किया कि कन्हैया गुलाटी के परिवार के सभी सदस्य पत्नी राधिका, बेटे गोपाल, साला आशीष महाजन और एजेंट मोहम्मद सलीम इस ठगी में शामिल हैं और उनकी भूमिकाओं की जांच की जा रही है।
पहला बड़ा मामला दिल्ली के पूर्व सीआरपीएफ जवान ओंकारनाथ ने दर्ज कराया। शिकायत में बताया गया कि कंपनी ने तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित सेमिनार के दौरान 20 महीनों तक मासिक रिटर्न देने और 22वें महीने मूलधन लौटाने का झांसा दिया। शुरुआती भुगतान से निवेशकों का भरोसा जीतने के बाद तकनीकी दिक्कतों और बहानेबाजी के साथ भुगतान बंद कर दिया गया। इस योजना में लगभग 60-70 निवेशक फंसे। दूसरा मुकदमा बरेली के धर्मदास गुप्ता द्वारा दर्ज कराया गया, जिसमें 86 हजार रुपये एफडी के नाम पर जमा किए गए थे। कंपनी ने 43 चेक दिए, जो सभी बाउंस हो गए। निवेशक को फिर 2,81,000 का नया चेक मिला, जो फिर बाउंस हो गया।
इसके अलावा, साइबर सेल की दो शिकायतों पर भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अमित कुमार और मोहम्मद वासित मलिक ने क्रमश 12 लाख और 8 लाख रुपये की ठगी की जानकारी दी। सभी लेन-देन के सबूत उपलब्ध कराए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कन्हैया गुलाटी ने हाल ही में संपत्ति गुपचुप बेच दी और विदेश भागने की फिराक में है। लुकआउट नोटिस और पासपोर्ट सस्पेंशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एसएसपी अनुराग आर्य ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब इस पूरे गिरोह से बचना मुश्किल होगा। परिवार और एजेंटों की भूमिका की गहन जांच जारी है। लगातार नए मामले दर्ज होने की संभावना है, जिससे ठगी की कुल रकम करोड़ों से बढ़कर कई करोड़ों में पहुंच सकती है। कई राज्यों और शहरों में फैले इस नेटवर्क के खुलासे ने निवेशकों में गहरी नाराजगी और भय पैदा कर दिया है, और अब कानून के शिकंजे में पूरी कास्ट शामिल होने वाली है।