गन्ना समिति बोर्ड की बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर हुई चर्चा
बहेड़ी, बरेली। गन्ना समिति परिसर में आयोजित बोर्ड की बैठक में उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने किसानो की गन्ने की ट्रालियां गन्ना विभाग व चीनी मिल द्वारा रोके जाने का विरोध किया। इसको लेकर बैठक में जमकर हंगामा हुआ। एक निदेशक ने गन्ना विकास समिति व गन्ना विकास विभाग के बैंक खातों में काटे गए कमिशन का पैसा गन्ना मूल्य भुगतान में दिए जाने का मुद्दा उठाया।
गन्ना समिति बोर्ड की बैठक में बीते दिनों मंडनपुर के किसान अंकुर चौधरी के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे को लेकर नाराजगी जाहिर की गई। उन्होंने कहा 14 दिन के अंदर चीनी मिल को गन्ने का भुगतान करना होता है लेकिन यहां चीनी मिल लम्बे अरसे से भुगतान को रोकने की एक परिपाटी चला रही है। चालू पेराई सत्र का भी मोटा भुगतान खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा केसर चीनी मिल के सीएमडी, सीईओ व कमर्शियल मैनेजर के खिलाफ भुगतान को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। वहीं दूसरी और निर्देशक ओमवीर सिंह ने कहा कि गन्ना विकास समिति व गन्ना विकास विभाग के पास लगभग 45 करोड रुपए किसानों के द्वारा दिए गए कमीशन का बैंक में जमा है।
उन्होंने किसान की परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए सत्र में की गई गन्ना सप्लाई का 25 प्रतिशत ऋण के रूप में रकम किसान को दी जाए। किसान की गन्ने के भुगतान से उसे रकम को काट लिया जाएगा तथा उसका ब्याज चीनी मिल से लिया जाए। उनके इस प्रस्ताव पर सभी ने मोहर लगा दी।बैठक में निर्देशक डालचंद, सीताराम, मेजर सिंह, घनश्याम उपाध्याय, उमाशंकर, खूबचंद आदि मौजूद रहे।