हर बूथ से जीत का संकल्प
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप सरकार और संगठन मिलकर हर बूथ मजबूत कर यूपी को नई गति देंगे।
➡️ सीएम योगी का हर बूथ से जीत का आह्वान
➡️ 12 दिन बताए निर्णायक, बूथ को चुनाव की असली लड़ाई कहा
➡️ मतदाता सूची की गहन समीक्षा के निर्देश
➡️ फर्जी और डुप्लीकेट नामों पर सख्ती
➡️ सरकार–संगठन मिलकर यूपी को देंगे नई रफ्तार
सीएम योगी बोले सरकार और संगठन मिलकर यूपी को देंगे नई रफ्तार
डेस्क/ जन माध्यम
बरेली।लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप सरकार और संगठन मिलकर नई ऊर्जा और नई गति के साथ उत्तर प्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाएंगे। राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में आयोजित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन समारोह में उन्होंने नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन की कमान एक अनुभवी, संघर्षशील और समर्पित कार्यकर्ता को मिली है। उन्होंने निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आने वाले 12 दिन निर्णायक हैं। चुनाव का परिणाम भले ही विधानसभा और लोकसभा में आता हो, लेकिन लड़ाई बूथ पर ही लड़ी जाती है। “मेरा बूथ, सबसे मजबूत के मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हर बूथ पर मतदाता सूची की गहन समीक्षा जरूरी है। फर्जी, मृतक, डुप्लीकेट और स्थानांतरित नामों पर तत्काल आपत्ति दर्ज कराई जाए। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं-कहीं मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियां मिली हैं, जिन पर सख्ती से कार्रवाई जरूरी है। सीएम योगी ने कहा कि एसआईआर में अभी तीन-चौथाई मेहनत कर ली गई तो चुनाव में परिणाम स्वत अनुकूल होंगे। उन्होंने भारत की बदली वैश्विक छवि का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों में देश को मजबूत नेतृत्व मिला है। यूपी में साढ़े आठ वर्षों में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं दंगा और माफिया मुक्त माहौल, निवेश का विस्तार और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। पौने नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और डेढ़ करोड़ से अधिक को रोजगार-स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश अंधेरे का आदी था, आज बुनियादी ढांचा, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और पर्यटन नई पहचान बन चुके हैं। राम मंदिर निर्माण और तीर्थ स्थलों के पुनरुद्धार से सांस्कृतिक गौरव बढ़ा है। अंत में उन्होंने 25 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के उद्घाटन की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक कार्य पूर्ण कर वैचारिक ऊर्जा लेने का आह्वान किया।