संतोष गंगवार को मिलेगा पहला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में पहली बार “लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड” दिया जाएगा। यह सम्मान झारखंड के राज्यपाल और पूर्व छात्र संतोष गंगवार को मिलेगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समारोह में मुख्य अतिथि रहेंगी।
➡️ दीक्षांत समारोह में नई परंपरा
➡️ संतोष गंगवार को पहला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
➡️ 111 शोधार्थियों को डॉक्टरेट, 93 छात्रों को गोल्ड मेडल
➡️ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी सम्मान वितरण
➡️ विश्वविद्यालय में नई अकादमिक पहलें और प्रोफेसर नियुक्तियाँ
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में नई परंपरा की शुरुआत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी सम्मान वितरण
जन माध्यम
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 23वां दीक्षांत समारोह इस बार इतिहास रचने जा रहा है। विश्वविद्यालय पहली बार लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड की शुरुआत कर रहा है, और इसका पहला सम्मान मिलेगा झारखंड के राज्यपाल तथा विश्वविद्यालय के गौरवशाली पूर्व छात्र संतोष गंगवार को।
यह निर्णय कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस नई परंपरा की नींव उन शिक्षकों और पूर्व छात्रों के सम्मान हेतु रखी गई है, जिन्होंने शिक्षा, शोध और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर संस्थान का नाम रोशन किया है।
संतोष गंगवार न केवल राजनीति और प्रशासन के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान रखते हैं, बल्कि उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना काल से लेकर उसके विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके कार्यों ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय को नई दिशा देने में मदद की। इसी योगदान को सम्मानित करने के लिए उन्हें विश्वविद्यालय का पहला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया जाएगा।
गुरुवार को आयोजित होने वाले समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बतौर कुलाधिपति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी और छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान करेंगी। समारोह में 111 शोधार्थियों को डॉक्टरेट पी.एच.डी. की उपाधि दी जाएगी, वहीं 93 मेधावी छात्रों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा।
समारोह की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं और विश्वविद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। इस मौके पर छात्रों, शिक्षकों और पूर्व विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कार्य परिषद की बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। न्यू बॉयज हॉस्टल का नाम बदलकर नीलगिरी छात्रावास रखा गया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने बेस्ट रिसर्चर अवार्ड की भी घोषणा की है, जो यूजीसी के नियमों के अनुरूप हर वर्ष उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को दिया जाएगा।
इसके अलावा, सात शिक्षकों की पदोन्नति को मंजूरी दी गई और कृषि संकाय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस योजना के तहत सात नए शिक्षकों की नियुक्ति को हरी झंडी मिली।
इतिहास विभाग में एक्सपीरियंशियल लर्निंग ग्रुप की स्थापना भी स्वीकृत की गई है, जिसके तहत छात्र विश्वविद्यालय के पांचाल संग्रहालय में आने वाले आगंतुकों को ऐतिहासिक जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
यह दीक्षांत समारोह न सिर्फ छात्रों के शैक्षणिक गौरव का प्रतीक बनेगा, बल्कि संतोष गंगवार को सम्मानित कर विश्वविद्यालय अपने उस गौरवशाली इतिहास को भी सलाम करेगा, जिससे यह संस्था आज शिक्षा की पहचान बन चुकी है।