"अघिल साल फिर मिलुला" कहकर विदा हुए पर्वतीय कलाकार, देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति को प्रस्तुत कर कलाकारों ने खूब लूटी वाहवाही...
उत्तरायणी जन कल्याण समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तरायणी मेला रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समाप्त हुआ। मेला परिसर में शहरवासियों ने जमकर खरीदारी की, जिसमें बांस का अचार, पहाड़ी हल्दी, मंडवा आटा, और गर्म कपड़े प्रमुख रहे।
बरेली। उत्तरायणी जन कल्याण समिति समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तरायणी मेले का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। मेला परिसर में शहर वासियों ने आज जमकर खरीदारी भी की। मेला परिसर में पुलिस महानिरीक्षक डॉ. राकेश सिंह का छोलिया टीम ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
उन्होंने पर्वतीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों का भी आनंद लिया। शाम के सत्र का उद्घाटन महापौर डॉ. उमेश गौतम ने किया। रामू चंद्र पदम रावत दिनेश रौथाना पूरन मेहरा को सम्मानित किया गया। लोहाघाट से आई अंतरराष्ट्रीय टीम ने भैरव दत्त राय के नेतृत्व में शानदार कार्यक्रम प्रस्तुत किया। दूसरा शनिवार होने के कारण सरकारी कार्यालय में छुट्टी का आनंद लोगों ने परिवार के साथ उत्तरायणी मेले में लिया। मेले में लगे स्टालों से बांस का अचार, पहाड़ी हल्दी, मंडवा आटा, भट्ट की नमकीन, बाल मिठाई और गर्म कपड़ों की जमकर खरीदारी हुई।
मेले का मुख्य आकर्षण छोलिया नृत्य और शौका समाज का नृत्य रहा। समिति के अध्यक्ष अमित पंत, महामंत्री मनोज पांडे, कोषाध्यक्ष कमलेश बिष्ट ने मेले को संपन्न कराने में दिए गए सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भवानी दत्त जोशी, गौरव पांडे, ए तारा जोशी, महेश पांडे, गिरीश पांडे, राकेश खंडवाला, दिनेश पंत, विनोद जोशी, मनोज कांडपाल, मुकुल भट्ट सहित बड़ी संख्या में पर्वतीय समाज के लोग मौजूद रहे।