सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियों का आरोप, महिला ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
बरेली की हिना अल्वी ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर पति और उसके परिचितों पर सोशल मीडिया के जरिए अभद्र टिप्पणियां कर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
महिला ने पति और उसके परिचितों पर सोशल मीडिया से मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।
इंस्टाग्राम आईडी के जरिए अभद्र टिप्पणियां और संदेश भेजे जाने का दावा।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग।
जन माध्यम
बरेली। थाना बारादरी क्षेत्र के मोहल्ला नवादा जोगियान निवासी हिना अल्वी ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर अपने पति जावेद हुसैन और उनके परिचितों पर सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणियां कर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हिना अल्वी का कहना है कि उन्होंने अपने पति एवं ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं में थाना बारादरी में मुकदमा दर्ज कराया था, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसके अलावा उन्होंने अपने और अपने दो पुत्रों के भरण-पोषण के लिए पारिवारिक न्यायालय में भी वाद दायर किया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 19 जनवरी को उन्हें ससुराल से निकाल दिया गया था, जिसके बाद से वह अपने मायके में रह रही हैं। उनका दावा है कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और उनकी सामाजिक छवि धूमिल करने के उद्देश्य से उनके पति कथित रूप से अपने मित्रों और रिश्तेदारों के माध्यम से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करवा रहे हैं।
पीड़िता के अनुसार, 5 जुलाई से इंस्टाग्राम पर "वलील खान" नाम की आईडी से लगातार अभद्र संदेश और टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी आईडी से उनके ममेरे भाई तालिब को भी आपत्तिजनक संदेश भेजे गए। शिकायत के साथ उन्होंने कथित इंस्टाग्राम संदेशों के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं।
हिना अल्वी ने मुख्यमंत्री से संबंधित इंस्टाग्राम आईडी की निष्पक्ष जांच कराने, उसके संचालक की पहचान करने तथा आरोपों की पुष्टि होने पर उनके पति जावेद हुसैन एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कराने की मांग की है। मामले में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।