दहेज उत्पीड़न में विवाहिता की संदिग्ध मौत
भाई का आरोप है जहर देकर की गई हत्या, पति समेत पांच पर मुकदमे की मांग
➡️ किला थाना क्षेत्र के खन्नू मोहल्ला का मामला
➡️ नवविवाहिता शहनाज की संदिग्ध हालात में मौत
➡️ भाई ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाया
➡️ कार और 5 लाख रुपये की दहेज मांग का दावा
➡️ मृतका के शरीर पर जहर के लक्षण होने का आरोप
➡️ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की
हसीन दानिश/ जनमाध्यम
बरेली। जनपद के किला थाना क्षेत्र के खन्नू मोहल्ला में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका की पहचान शहनाज के रूप में हुई है, जो मुस्लिम रीति-रिवाज से 23 अप्रैल 2017 को माजिद नवाज से विवाहित हुई थीं। शहनाज के भाई सुखा (निवासी सुर्खा बानखाना, थाना प्रेमनगर) ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने लगातार दहेज की मांग को लेकर उनकी बहन को प्रताड़ित किया और आखिरकार जहर देकर उसकी हत्या कर दी।शिकायतकर्ता सुखा ने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों से ही पति माजिद नवाज, जेठ वारिस खान, जेठानी शीवा, ननद रूबी और नंदोई ताज खान ने कम दहेज देने का ताना मारते हुए शहनाज को गाली-गलौज और मारपीट की। कई बार मोहल्ले व रिश्तेदारों ने पंचायत की और नकद राशि भी दी गई, लेकिन ससुराल पक्ष की लालच कम नहीं हुई। उन्होंने कार और 5 लाख रुपये नकद की अतिरिक्त मांग की। असमर्थता जताने पर शहनाज को कई दिनों तक भूखा रखा जाता, मारपीट की जाती और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। शहनाज ने खुद भाई को यह सब बताया था और इसकी कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।आपको बता दें कि 14 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे जेठानी शीवा ने सुखा को फोन कर बताया कि शहनाज की तबीयत बहुत खराब है। सूचना मिलते ही सुखा तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने शहनाज को मृत घोषित कर दिया। शहनाज के मुंह से झाग निकल रहा था और हाथ, मुंह व कान नीले पड़ गए थे। परिजनों का दावा है कि ये जहर देने के स्पष्ट लक्षण हैं।
सुखा ने किला थाने में तहरीर देकर माजिद नवाज, वारिस खान (पुत्रगण रहमान खान), शीवा (पत्नी वारिस खान), रूबी (पत्नी ताज खान) और ताज खान (पुत्र मो. फारुख खान) के खिलाफ हत्या, दहेज उत्पीड़न व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की है।
पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत का सटीक कारण स्पष्ट हो सकेगा। यदि आरोप सही साबित हुए तो आरोपी गंभीर धाराओं में सजा के दायरे में आ सकते हैं।
यह घटना उत्तर प्रदेश में दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के बढ़ते मामलों में एक और उदाहरण पेश करती है, जहां विवाह के कई साल बाद भी मांगें जारी रहती हैं। समाजसेवी संगठनों ने इस मामले पर त्वरित न्याय की मांग की है।