जयवीर सिंह ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप
बरेली के सीएमओ कार्यालय पर हुए हंगामे में नया मोड़, प्रथ्वी फार्मा क्लीनिक संचालक जयवीर सिंह ने अजय के परिजनों पर ब्लैकमेल कर पैसे मांगने का आरोप लगाया।
➡️ CMO कार्यालय हंगामे में नया मोड़
➡️ जयवीर सिंह का ब्लैकमेलिंग आरोप
➡️ ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा
हसीन दानिश / जनमाध्यम
बरेली। जिला बरेली के सीएमओ कार्यालय पर हाल ही में हुए हंगामे के बाद एक नया मोड़ आया है। प्रथ्वी फार्मा क्लीनिक संचालक जयवीर सिंह ने पीड़ित युवक अजय के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि वे ब्लैकमेल कर उनसे पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। जयवीर ने अपने पक्ष में पुलिस को शिकायत भी दर्ज कराई है और दावा किया है कि उनके पास ऑडियो रिकॉर्डिंग्स उपलब्ध हैं, जो उनके बयान की पुष्टि करती हैं।

जयवीर सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत में बताया कि अजय (जिसे परिजन शिशुपाल के बेटे के रूप में पेश करते हैं) का हाइड्रोसील ऑपरेशन डॉक्टर हरपाल के माध्यम से 22 अक्टूबर को कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद मरीज ने बेड रेस्ट नहीं किया और मोटरसाइकिल चलाना जारी रखा, जिससे घाव ठीक नहीं हो रहा था। जयवीर ने पट्टी बदलने में मदद की, लेकिन मरीज ने उन्हें दोषी ठहराते हुए गलत बीमारियों के बहाने रोज़ाना पैसे मांगने शुरू कर दिए।
शिकायत में जयवीर ने कहा, मरीज कभी खून बहने, कभी पेशाब में खून जमने, कभी कैंसर, कभी रीढ़ की हड्डी टूटने जैसी बातें कहकर पैसे की मांग करता रहा। डॉक्टर हरपाल कुलदीप का भांजा है, और कुलदीप के साथ पहले से ही मेरा दुकान विवाद चल रहा है, जो कोर्ट में विचाराधीन है। इसी पुरानी रंजिश के चलते वे मुझे फंसाने की साजिश रच रहे हैं।
जयवीर ने आगे आरोप लगाया कि परिजनों ने उनके मकान मालिक पर दबाव डाला कि "जयवीर से पैसे दिलवाओ, वरना फंसा देंगे" और अगर दिलवाए तो कुछ रुपये मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि परिजनों ने पहले भी पुलिस में झूठी शिकायत की, जिसमें कुछ नहीं निकला, फिर राजनीतिक दबाव से सीएमओ स्तर पर शिकायत कर उनकी दुकान बंद करवाई गई। जयवीर ने कहा, "मुझे धमकी दी गई कि दुकान खोली तो लड़की भेजकर झूठे केस में फंसवा देंगे।"
हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में अजय के पिता शिशुपाल ने जयवीर पर गलत ऑपरेशन कर मरीज की जान जोखिम में डालने का आरोप लगाया था, जिसके बाद सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन हुआ और क्लीनिक सील कर दिया गया। जयवीर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे खुद डॉक्टर नहीं हैं और ऑपरेशन नहीं किया, बल्कि केवल पट्टी बदलने में मदद की थी। उन्होंने कहा कि पूरा मामला ब्लैकमेल और पुरानी रंजिश का नतीजा है।
जयवीर ने एसएसपी से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यकता पड़ने पर ऑडियो सबूत उपलब्ध करा देंगे।
यह मामला अब स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, झोलाछाप डॉक्टरों और व्यक्तिगत विवादों के बीच फंस गया है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।