राजश्री कॉलेज प्रबंधन की सरकारी जमीन पर मनमानी
बरेली के लभेड़ा गांव में राजश्री कॉलेज प्रबंधन पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और किसानों का रास्ता रोकने का आरोप। तहसीलदार ने 6 मार्च तक कब्जा हटाने का सख्त अल्टीमेटम दिया।
➡️ लभेड़ा गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि
➡️ चारदीवारी बनाकर किसानों का रास्ता किया बंद
➡️ तहसीलदार ने 6 मार्च तक हटाने का दिया नोटिस
➡️ आदेश न मानने पर बुलडोजर और खर्च वसूली की चेतावनी
हसीन दानिश । जनमाध्यम
रिठौरा/बरेली। लभेड़ा गांव में चारदीवारी बनाकर किसानों का रास्ता रोका, तहसीलदार ने ठोका सख्त अल्टीमेटम 6 मार्च तक कब्जा हटाओ, वरना बुलडोजर चलेगा और खर्च भी वसूला जाएगा।गांव लभेड़ा की बहादुर बेटी आसिया बेगम ने प्रशासन को जगाया। उन्होंने शिकायत की कि सरकारी जमीन पर राजश्री कॉलेज से जुड़े लोगों ने अवैध कब्जा जमा लिया है। चारदीवारी खड़ी करके खेतों की ओर जाने वाले किसानों का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया। जांच पड़ताल में अतिक्रमण की पुष्टि हो गई।तहसीलदार नवाबगंज ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कॉलेज के सचिव को नोटिस थमाया। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 6 मार्च तक सरकारी जमीन से कब्जा पूरी तरह हटाया जाए। अगर आदेश की अनदेखी हुई तो अतिक्रमण को ध्वस्त करने के साथ ही ध्वंस का पूरा खर्च भी संबंधित पक्ष से वसूल किया जाएगा।शिक्षा के नाम पर सरकारी संपत्ति पर ऐसे कब्जे आम आदमी के लिए कितने परेशान करने वाले हैं, यह मामला फिर साबित कर रहा है। जहां किसान अपनी मेहनत की कमाई से जुड़ी राह बचाने को मजबूर हैं, वहीं कुछ संस्थान बेधड़क सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश करते हैं। आसिया बेगम जैसी साहसी महिलाओं की आवाज से ही ऐसे मामलों का खुलासा होता है।प्रशासन की यह सख्ती सराहनीय है, लेकिन सवाल उठता है—कितने दिनों तक यह कब्जा बिना किसी रोक-टोक के चला? क्या कोई प्रभाव काम कर रहा था? अब 6 मार्च तक कब्जा हटेगा या प्रशासन को बुलडोजर उतारना पड़ेगा?