जब रोशनी, प्रार्थना और उल्लास में डूबा मीरगंज
मीरगंज के ईसा मसीह चर्च में प्रभु यीशु का जन्मोत्सव श्रद्धा, रोशनी और उल्लास के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में शांति और भाईचारे का संदेश दिया गया।
➡️ ईसा मसीह चर्च में श्रद्धा के साथ क्रिसमस पर्व
➡️ सुबह से उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
➡️ रंग-बिरंगी रोशनियों और सजावट से सजा चर्च
➡️ प्रभु यीशु के जन्म की आकर्षक झांकी
➡️ प्रार्थनाओं और भजनों से गूंजा परिसर
➡️ शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश
जन माध्यम।
करण पाल सिंह। मीरगंज (बरेली)।
आस्था जब उत्सव का रूप ले ले, तो माहौल अपने आप पवित्र और उल्लासपूर्ण हो जाता है। कुछ ऐसा ही दृश्य गुरुवार को मीरगंज के चुरई–दलपतपुर रोड स्थित ईसा मसीह चर्च में देखने को मिला, जहां क्रिसमस डे का पर्व इस वर्ष श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया।
प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव के अवसर पर सुबह से ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चर्च पहुंचने लगे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, चर्च परिसर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी से पूरी तरह भर गया। हर चेहरे पर उत्साह था और हर मन में शांति का भाव।
श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के जन्म से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया और एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश साझा किया। चर्च परिसर में गूंजती प्रार्थनाओं और भजनों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
क्रिसमस पर्व के अवसर पर चर्च को रंग-बिरंगी रोशनियों, सजावटी झालरों और आकर्षक क्रिसमस ट्री से भव्य रूप से सजाया गया था। चर्च के भीतर और बाहर की गई मनमोहक सजावट ने पूरे क्षेत्र को उत्सव की चमक से सराबोर कर दिया।
इसके साथ ही प्रभु यीशु के जन्म से संबंधित भव्य झांकी भी सजाई गई, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। झांकी के माध्यम से प्रभु यीशु के जीवन और उनके संदेशों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
पूरे आयोजन के दौरान शांति, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। क्रिसमस का यह पर्व मीरगंज में न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि प्रेम, सेवा और मानवता के मूल्यों को दोहराने का अवसर भी बना।