खनिज राजस्व पर कड़ा रुख

बरेली में डीएम अविनाश सिंह की बैठक में खनिज रायल्टी वसूली पर जोर; बिना वैध ई-एमएम-11 प्रपत्र पर पेनल्टी (रायल्टी का 5 गुना)। अप्रैल-अक्टूबर में अवशेष जमा न होने से रैंकिंग गिरी; 1 सप्ताह में जमा करने के निर्देश।

खनिज राजस्व पर कड़ा रुख
HIGHLIGHTS:

➡️ खनिज रायल्टी समय पर वसूली सुनिश्चित, वैध ई-एमएम-11 अनिवार्य।
➡️ बिना प्रपत्र पर पेनल्टी: रायल्टी का 5 गुना कटौती, ट्रेजरी जमा।
➡️ अप्रैल-अक्टूबर अवशेष न जमा, रैंकिंग गिरी; upmines पोर्टल डेटा।
➡️ निर्माण एजेंसियों को 1 सप्ताह में जमा निर्देश, रिपोर्ट पेश।
➡️ प्रशासन गंभीर: नियम पालन, राजस्व लक्ष्य हासिल।

डीएम अविनाश सिंह की बैठक में अवशेष धनराशि वसूली को लेकर सख्त निर्देश

डेस्क/ जन माध्यम 
बरेली। डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता मे सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अवशेष खनिज पदार्थों की धनराशि कार्यदायी संस्थाओं से समय पर जमा कराने के संबंध में बैठक संपन्न हुई। बैठक में खनिज राजस्व और रायल्टी की समय पर वसूली सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में प्रयुक्त उपखनिजों की आपूर्ति केवल वैध अभिवहन प्रपत्र ई-एम०एम०-11 के आधार पर की जाए और रायल्टी का भुगतान नियमानुसार किया जाए। यदि किसी ठेकेदार द्वारा उपखनिज का उपयोग बिना वैध प्रपत्र के किया जाता है, तो उसके बिल से उपयुक्त रायल्टी एवं खनिज मूल्य  सामान्यत रायल्टी का पाँच गुना  काटकर निर्धारित लेखा शीर्षक 0853-अलौह खनन एवं धातुकर्म उद्योग-102 में जमा कराना अनिवार्य होगा। साथ ही ट्रेजरी चालान की एक प्रति डीएम कार्यालय को भी भेजी जाएगी।
खनन अधिकारी ने जानकारी दी कि upmines.upsdc.gov.in पोर्टल से प्राप्त विवरण के अनुसार जनपद में अप्रैल से अक्टूबर तक विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा बिना या अमान्य अभिवहन प्रपत्र के उपखनिज परिवहन किए गए। इसके कारण रायल्टी, खनिज मूल्य और आई.एस.टी.पी. की अवशेष धनराशि समय पर जमा नहीं हो पाई, जिससे वार्षिक लक्ष्य प्रभावित होने के साथ ही मुख्यमंत्री पोर्टल पर जनपद की रैंकिंग भी नीचे गई।
डीएम ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों को एक सप्ताह के भीतर अवशेष धनराशि जमा करने और आगामी बैठक में जमा की पुष्टि के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। बैठक में खनन अधिकारी सहित सभी निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र की स्थिति पर रिपोर्ट पेश की। इस बैठक से स्पष्ट संदेश गया कि जिला प्रशासन खनिज राजस्व की समय पर वसूली और नियमों के पालन के प्रति गंभीर है।