आधार कार्ड की त्रुटियों को लेकर गरीब शक्ति दल का प्रदर्शन

आधार कार्ड में फर्जीवाड़े और तकनीकी त्रुटियों को लेकर गरीब शक्ति दल ने बरेली में प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर हर जिले में SIT गठन की मांग की।

आधार कार्ड की त्रुटियों को लेकर गरीब शक्ति दल का प्रदर्शन
HIGHLIGHTS:

➡️ आधार कार्ड की त्रुटियों को लेकर जोरदार प्रदर्शन
➡️ राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
➡️ हर जिले में SIT गठन की मांग

सैय्यद शाहाबुद्दीन । जन माध्यम
बरेली।
आधार कार्ड में फर्जीवाड़े और गंभीर तकनीकी त्रुटियों को लेकर गरीब शक्ति दल के पदाधिकारियों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासनिक अधिकारी को सौंपते हुए पूरे देश में आधार प्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के नेता मनोज विकेट ने किया। उन्होंने मांग उठाई कि भारत के सभी जिलों में SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया जाए, ताकि आधार कार्ड में हो रही अनियमितताओं और कथित फर्जीवाड़े की गहन जांच हो सके। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि UIDAI और उससे जुड़े निजी कर्मचारियों द्वारा बनाए जा रहे आधार कार्डों में नाम, जन्मतिथि और पते जैसी गंभीर त्रुटियां पाई जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

संगठन ने बताया कि UIDAI द्वारा 16 सितंबर 2025 तक 142.76 करोड़ आधार कार्ड जारी करने का दावा किया गया है, लेकिन इनमें बड़ी संख्या ऐसे आधार कार्डों की है, जिनमें भारी गलतियां दर्ज हैं। नेताओं का कहना है कि इन त्रुटियों के कारण न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आ रही है, बल्कि भविष्य में अपराध और फर्जीवाड़े की आशंका भी बढ़ गई है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश के निबंधन कार्यालयों में बैनामा और रजिस्ट्री के दौरान दस्तावेजों में नाम का मिलान न होने की समस्या सामने आ रही है, जिससे आने वाले समय में भूमि विवाद बढ़ने की संभावना है। संगठन ने मांग की कि जब तक आधार कार्ड की त्रुटियां पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जातीं, तब तक इसे सभी सरकारी विभागों में अनिवार्य न किया जाए।

गरीब शक्ति दल ने “एक देश–एक आधार कार्ड” योजना लागू करने, प्रत्येक जिले में SIT गठित करने तथा आधार की गलतियां ठीक होने तक ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, श्रम कार्ड और अन्य पहचान पत्रों को मान्यता देने की मांग की।

इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज विकेट, संजय एडवोकेट, गिरीश चंद्र सक्सेना, संजीव सागर, मोहम्मद रफी नूर्वी, मोहम्मद नासिर, जगदीश सागर, मेहंदी हसन सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।