खादी उत्सव में उमड़ी भीड़

बरेली खादी उत्सव में बैंबू सोफा, मिट्टी के 650+ बर्तन, कश्मीरी ड्राई फ्रूट्स के स्टॉलों पर खरीदारों की भारी भीड़, सेल चरम पर।

खादी उत्सव में उमड़ी भीड़
HIGHLIGHTS:

➡️ खादी उत्सव में उमड़ी भारी भीड़
➡️ बैंबू सोफा, झूला, गार्डन सेट छाए
➡️ मिट्टी के 650 से ज़्यादा बर्तन, प्रेशर कुकर से तवा तक
➡️ कश्मीर ड्राई फ्रूट्स स्टॉल पर लंबी लाइन
➡️ स्वास्थ्य, स्वदेशी व सुंदरता का संगम
➡️ हर स्टॉल पर सेल-धमाल चल रहा

हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग के आकर्षक उत्पादों ने किया लुभावन प्रदर्शन

जन माध्यम 
बरेली।
परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि खादी एवं स्वावलम्बन उत्सव में शहरवासियों और आस-पास के क्षेत्रों के लोग भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। उत्सव में विभिन्न राज्यों और जनपदों की इकाइयों द्वारा लगाए गए स्टालों में बेमिसाल हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं, जो खरीददारों का ध्यान खींच रहे हैं। बरेली के लईक बम्बू केन इंटरप्राइजेज द्वारा निर्मित सोफा सेट, 5 सीटर डाइनिंग सेट, कुशन, गार्डन सेट, झूले और अन्य बम्बू के शानदार उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। साथ ही कश्मीरी बॉसकेट, फूल के बॉसकेट, हैगिंग झूले और स्टैन आर्म चेयर जैसे आकर्षक उत्पाद भी खरीददारों को लुभा रहे हैं। उत्सव में कश्मीर ड्राई फ्रूट्स का स्टॉल भी विशेष आकर्षण का केन्द्र बना है। अखरोट, बादाम, अंजीर, किशमिश, अलसी, शिलाजीत, खजूर और ब्लैकबेरी जैसी प्राकृतिक वस्तुएँ स्वास्थ्य और पोषण के दृष्टिकोण से लाभकारी हैं, जिससे लोग इनका आनंद और स्वास्थ्य दोनों हासिल कर रहे हैं।
कानपुर नवाबगंज की सर्वोसार्थ कलेक्शन ने मिट्टी के 650 से अधिक बर्तनों जैसे प्रेशर कुकर, हांडी, तवा, डिनर सेट और कपसेट प्रदर्शित किए हैं। ये उत्पाद पारंपरिक स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रखते हैं और खरीददारों में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। बुलंदशहर के क्राकरी उत्पाद जैसे कप, प्लेट, अचार की जार, डिनर सेट, बाउल सेट और किचन वीयर भी उत्सव की शोभा बढ़ा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि उत्सव का उद्देश्य स्थानीय कुटीर उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देना है। ग्राहकों की भीड़ और उत्साह इस बात का प्रमाण है कि बरेलीवासी पारंपरिक और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। यह उत्सव न केवल व्यापारियों के लिए अवसर है बल्कि नागरिकों के लिए संस्कृति, स्वास्थ्य और स्वावलम्बन की ओर कदम बढ़ाने का सशक्त मंच भी है।