जब पहियों पर चली उम्मीद

बरेली में होपलाइन सोशल वेलफेयर फाउंडेशन और JCI बरेली मैग्नेट सिटी ने निःशुल्क व्हीलचेयर वितरण कर दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को आत्मसम्मान व आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया।

जब पहियों पर चली उम्मीद
HIGHLIGHTS:

➡️ बरेली में निःशुल्क व्हीलचेयर वितरण कार्यक्रम
➡️ होपलाइन फाउंडेशन और JCI मैग्नेट सिटी की संयुक्त पहल
➡️ दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा
➡️ पांचाल सभागार में भावुक और प्रेरक आयोजन
➡️ जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
➡️ सेवा, सम्मान और संवेदना का मजबूत संदेश

हसीन दानीश/ जन माध्यम
बरेली। 
जब किसी के कदम थम जाते हैं, तब अगर समाज आगे बढ़कर हाथ थाम ले, तो जिंदगी फिर से चलने लगती है। कुछ ऐसा ही भावुक और प्रेरक दृश्य रविवार, 21 दिसंबर 2025, को बरेली में देखने को मिला, जब होपलाइन सोशल वेलफेयर फाउंडेशन और JCI बरेली मैग्नेट सिटी के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क व्हीलचेयर वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल सहायता का नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर आया।

महात्मा ज्योतिबा फुले (MJP) रूहेलखंड विश्वविद्यालय स्थित पांचाल सभागार में दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम की थीम थी—
“मानवता की सेवा: सक्षम भविष्य की ओर कदम”
दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंदों को जब व्हीलचेयर सौंपी गईं, तो यह साफ दिखा कि ये पहिए केवल चलने का साधन नहीं, बल्कि खोए हुए आत्मविश्वास को लौटाने का जरिया हैं।

कार्यक्रम में दर्जनों जरूरतमंदों को निःशुल्क व्हीलचेयर प्रदान की गईं। कई ऐसे चेहरे थे, जिनकी आंखों में वर्षों की विवशता के बाद आज उम्मीद की चमक दिखाई दी। आयोजकों ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य दया नहीं, सशक्तिकरण है—ताकि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा में आत्मसम्मान के साथ खड़े हो सकें।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब सामाजिक संस्थाएं आगे आती हैं, तो शासन की योजनाओं को भी नई ताकत मिलती है।

कार्यक्रम अध्यक्ष नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने अभिभावकों से अपील की कि वे दिव्यांग बच्चों को बोझ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और गर्व समझें। उन्होंने अपने संबोधन में जीवन से जुड़े प्रेरक उदाहरण साझा करते हुए कहा कि सही सहयोग और अवसर मिलने पर हर व्यक्ति अपनी पहचान बना सकता है।

होपलाइन सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के निदेशक कृष्ण गोपाल राज ने कहा कि संस्था का लक्ष्य दिव्यांगजनों को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा, “व्हीलचेयर सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की चाबी है।”

वहीं ‘वन टीचर वन कॉल’ फाउंडेशन की संस्थापक दीपमाला पाण्डेय ने कहा कि कभी-कभी छोटी सी मदद किसी के पूरे जीवन की दिशा बदल देती है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से ऐसे अभियानों से जुड़ने की अपील की।

इस आयोजन में JCI बरेली मैग्नेट सिटी से निमित अग्रवाल, मोहित गोयल, हर्षित अग्रवाल, मेहुल निमानी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। वहीं होपलाइन फाउंडेशन की ओर से नीतेश पाण्डेय, दीपाली सक्सेना, प्राची, प्रवीणा श्रीवास्तव, भरत सिंह, विश्व कीर्ति, पुष्पराज, नरेश पाल, शिखा अग्रवाल, शालिनी सक्सेना, अंजू अग्रवाल समेत अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के अंत में लाभार्थियों ने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल उनके लिए सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि नई जिंदगी की शुरुआत है। आयोजक संस्थाओं ने संकल्प लिया कि मानव सेवा का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने का सिलसिला नहीं रुकेगा।

यह आयोजन एक बार फिर यह साबित कर गया कि
जब सेवा संवेदना से जुड़ती है,
तो समाज सच में आगे बढ़ता है।