सीएम ग्रिड के निर्माण में खामियां, नगर आयुक्त नाराज

बरेली में करीब 56 करोड़ रुपये की सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण के निर्माण कार्यों में खामियां मिलने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई और सुधार के निर्देश दिए।

सीएम ग्रिड के निर्माण में खामियां, नगर आयुक्त नाराज
HIGHLIGHTS:

करीब 56 करोड़ रुपये की योजना के पहले चरण में निर्माण की फिनिशिंग पर उठे सवाल।

फुटपाथ, प्लांटर, रोड साइनेज और मार्किंग की कमियां तत्काल दूर कराने के निर्देश।

फुटपाथ पर दुकान या कार खड़ी करने वालों को नोटिस देने की तैयारी, कार्यदायी एजेंसी पर भी कार्रवाई के संकेत।

जन माध्यम
बरेली।
शहर की सड़कों को बेहतर बनाने और राहगीरों को सहूलियत देने के मकसद से करीब 56 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण के कार्यों में खामियां सामने आई हैं। मंगलवार देर शाम निरीक्षण पर निकले नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने निर्माण में बेतरतीबी और फिनिशिंग की कमी पर नाराजगी जताई। फुटपाथ की खुदाई और निर्माण में मिली खामियों को लेकर उन्होंने ठेकेदार को कड़ी चेतावनी दी। साफ कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों से किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय और नगर निगम के अन्य अधिकारियों के साथ योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। पहले चरण में मॉडल टाउन, कुष्ठ आश्रम रोड, डीडीपुरम और स्टेडियम रोड समेत कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण कराया गया है। निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर निर्माण की फिनिशिंग संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी को कमियां तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए।

सड़क किनारे लगाए गए प्लांटरों का निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त ने उनके किनारों पर सैंडस्टोन का काम व्यवस्थित और आकर्षक ढंग से कराने को कहा। उनका जोर केवल निर्माण पूरा कराने पर नहीं, बल्कि शहर की सड़कों को साफ-सुथरा और सुंदर बनाने पर भी रहा। हरियाली बढ़ाने और सड़क किनारे के दृश्य को बेहतर बनाने के लिए बड़े पौधे लगाने के निर्देश दिए गए। फुटपाथ की खामियों को भी दुरुस्त कराने को कहा, ताकि लोगों को आवाजाही में परेशानी न हो।

निरीक्षण के दौरान रोड साइनेज और सड़क की मार्किंग की स्थिति भी देखी गई। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि संकेतक और मार्किंग निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। जहां काम अधूरा है या तय मानकों के मुताबिक नहीं किया गया है, वहां तत्काल सुधार कराया जाए। सड़क निर्माण में छोटी-सी लापरवाही भी लोगों की सहूलियत और सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी कार्यों पर निगरानी रखने को कहा गया।

नगर आयुक्त ने फुटपाथ पर अतिक्रमण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने फुटपाथ पर दुकानें लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। कहा कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए हैं, इन पर व्यावसायिक अतिक्रमण की इजाजत नहीं दी जा सकती। फुटपाथ पर कार खड़ी करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय निवासियों को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

निर्माण कार्यों में लापरवाही को लेकर कार्यदायी एजेंसी अनमोल एसोसिएट को पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने पर नगर निगम प्रशासन अब एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि खराब फिनिशिंग दुरुस्त कराई जाएगी और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाएगी। शहर के विकास कार्यों में खर्च होने वाली सार्वजनिक धनराशि का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब निर्माण टिकाऊ, व्यवस्थित और आम लोगों के लिए सुविधाजनक हो।