दूसरे दिन भी गरजा बुलडोज़र
बरेली में दूसरे दिन भी चला बुलडोजर, सरफराज खान के दोनों बारातघर धराशायी। सूफीटोला से फाइक एनक्लेव तक हड़कंप।
➡️ दूसरे दिन भी गरजा बुलडोजर
➡️ सरफराज खान के दोनों बारातघर जमीनदोज
➡️ सूफीटोला से फाइक एनक्लेव तक दहशत
➡️ पुरानी फाइलें खुलीं, पुराने आदेश लागू
➡️ रसूखदारों की अब नहीं चल रही
➡️ भारी पुलिस-पीएसी बल तैनात
सूफीटोला से फ़ाइक एन्क्लेव तक बढ़ी हलचल
जन माध्यम
बरेली। सूफीटोला में मंगलवार को शुरू हुई कार्रवाई बुधवार को और अधिक तीव्र रूप लेती दिखी। सरफ़राज़ वली खान के दोनों बारातघर एवान-ए-फ़रहत और गुड मैरिज हॉल पर जारी ध्वस्तीकरण ने पूरे क्षेत्र में खलबली मचा दी है। लंबे समय से प्रभाव और पहचान के सहारे खड़े अवैध निर्माण अब एक-एक कर ढहाए जा रहे हैं, जिससे सूफीटोला से लेकर फ़ाइक एन्क्लेव तक उन सभी कब्जेदारों में दहशत फैल गई है, जो कानून को चुनौती देते आए थे। बुधवार सुबह 11:25 बजे जैसे ही बुलडोज़र गरजा, गलियों में अफरा-तफरी दौड़ गई। पल भर में पुलिस और पीएसी का भारी बल पहुंच गया। एसपी सिटी मानुष पारीक और सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने खुद मौके पर नेतृत्व संभाला, ताकि कार्रवाई में किसी तरह की बाधा न आए। पहले दिन लगभग 35 प्रतिशत हिस्से को तोड़ा गया था, लेकिन आज की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन अब किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। सालों से जिन निर्माणों को कागज़ों में अवैध दर्ज किया गया था, उनकी फाइलें बाहर निकाली गईं और पुराने आदेशों को अमल में लाया जाने लगा। कई परिवारों ने मीडिया के सामने गुहार लगाई कि वे बीस पच्चीस वर्षों से वहां रह रहे थे, मगर अचानक आई नोटिस ने उनका जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसके बावजूद प्रशासन अपने रुख पर कायम रहा। टीम ने पहले घरों से लोगों और सामान को सुरक्षित निकाला और फिर तेज़ी से जेसीबी आगे बढ़ाई। इस कार्रवाई का असर दूर तक दिखाई दिया। फ़ाइक एन्क्लेव में भी ऐसे कई लोग हैं जिनके निर्माण सवालों के घेरे में हैं। बुलडोज़र की आवाज़ वहां तक पहुंची तो कई मकान मालिकों ने तुरंत जानकारी जुटानी शुरू कर दी। इलाके में अब चर्चा यही है कागज़ दुरुस्त हैं तो ही इमारत बचेगी, वरना जो वर्षों से फाइलों में दबा था, अब वही सब पर भारी पड़ने वाला है।