जब प्रशासन बना सर्द रातों का सहारा

मेरठ में बढ़ती ठंड और कोहरे के बीच जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह व एसएसपी विपिन ताडा ने रैन बसेरों व बस अड्डों का निरीक्षण किया। जरूरतमंदों में कंबल बांटे गए और व्यवस्थाएं और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

जब प्रशासन बना सर्द रातों का सहारा
जब प्रशासन बना सर्द रातों का सहारा
HIGHLIGHTS:

➡️ कड़ाके की ठंड में डीएम-एसएसपी का रैन बसेरों का निरीक्षण
➡️ तिरंगा गेट व बच्चा पार्क रैन बसेरों की परखी व्यवस्था
➡️ बस अड्डों पर ठिठुरते जरूरतमंदों को कंबल वितरित
➡️ यात्रियों से सीधा संवाद, समस्याओं का तत्काल संज्ञान
➡️ बस अड्डों पर अस्थायी रैन बसेरे बनाने के निर्देश
➡️ “कोई भी नागरिक ठंड में असहाय न रहे”—प्रशासन का संकल्प

हशमे आलम/ जन माध्यम
मेरठ। जब ठंड हड्डियों तक उतर जाती है और घना कोहरा सड़कों को निगल लेता है, तब सबसे ज्यादा मार उन लोगों पर पड़ती है जिनके सिर पर छत नहीं होती। ऐसे समय में यदि प्रशासन खुद सड़कों पर उतर आए, तो भरोसा जिंदा रहता है। बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताडा ने नगर क्षेत्र स्थित रैन बसेरों और बस अड्डों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी।

निरीक्षण के दौरान तिरंगा गेट रैन बसेरा, बच्चा पार्क रैन बसेरा सहित अन्य रैन बसेरों में उपलब्ध सुविधाओं का गहन जायज़ा लिया गया। अधिकारियों ने यात्रियों के रजिस्टर की जांच की, ठहरने की अवधि, पहचान और उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में केयरटेकर से जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने स्वयं रैन बसेरों में ठहरे नागरिकों से संवाद कर उनका हाल-चाल जाना और व्यवस्थाओं को लेकर उनकी प्रतिक्रिया सुनी।

जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि रैन बसेरों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल संबंधित पुलिस थाने को दी जाए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि रैन बसेरों के बाहर संबंधित थाने के एसएचओ का नाम और संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके।

इसके पश्चात जिलाधिकारी एवं एसएसपी ने भैंसाली बस अड्डा और सौरव गेट बस अड्डा का निरीक्षण किया। यहां देर रात तक रुके यात्रियों और गरीब, निराश्रित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। ठंड से कांपते जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर प्रशासन ने यह संदेश दिया कि शासन सिर्फ आदेशों तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर खड़ा है।

जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि भैंसाली एवं सोहराब गेट बस अड्डों पर तत्काल अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था की जाए, ताकि देर रात्रि तक रुकने वाले यात्रियों को ठंड से बचाव में कोई परेशानी न हो।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कड़ाके की ठंड में किसी भी गरीब, निराश्रित अथवा यात्री को असुविधा नहीं होने दी जाएगी। ठंड से बचाव हेतु जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य स्थानों पर भी अस्थायी रैन बसेरे और अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस मानवीय निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे। सर्द रात में यह पहल उन लोगों के लिए उम्मीद बनी, जिनके पास ठंड से लड़ने का कोई साधन नहीं, सिवाय प्रशासन की संवेदनशीलता के।