किसान की ट्यूबवेल पर हत्या
बरेली के शेरगढ़ क्षेत्र में किसान भूप सिंह यादव की ट्यूबवेल पर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर चार टीमें तलाश में लगाई हैं।
➡️ किसान भूप सिंह यादव की ट्यूबवेल पर धारदार हथियार से हत्या।
➡️ परिवार और गांव में गहरा शोक, ग्रामीणों में आक्रोश।
➡️ पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
➡️ एसपी ने चार विशेष टीमें गठित कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
➡️ प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश का मामला बताया गया।
➡️ फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
➡️ गांव में सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात।
भूप सिंह यादव पर धारदार हथियार से हमला, चार नामजद आरोपी
जन माध्यम
शेरगढ़।बरेली। शनिवार को देर रात थाना शेरगढ़ क्षेत्र के गांव बैरमनगर में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। गांव निवासी 55 वर्षीय किसान भूप सिंह यादव पुत्र भागीरथ की ट्यूबवेल पर बैठे हुए धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई।
घटना के समय भूप सिंह अपने बेटे भूपेंद्र और भतीजे लोचन सिंह के साथ नूराबाद के जंगल में स्थित खेत पर थे। भूपेंद्र और लोचन गन्ने की कटाई में व्यस्त थे, तभी अचानक तीन-चार अज्ञात लोग वहां पहुंच गए और ट्यूबवेल पर बैठे भूप सिंह पर बांका से हमला कर दिया।घायलों को तत्काल थाना प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अस्पताल भेजा, लेकिन रास्ते में ही भूप सिंह ने दम तोड़ दिया। उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
ग्रामीण और परिजन इस खूनी वारदात से गहरे सदमे में हैं।भूप सिंह यादव सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थे और खेती के जरिए पूरे परिवार का पालन पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार को गहरा झटका लगा है। वे अपने पीछे पत्नी कुसुमा देवी, तीन बेटे और चार बेटियां छोड़ गए हैं। परिजन बताते हैं कि भूप सिंह का जीवन मेहनत और ईमानदारी से भरा था और वह हमेशा गांव में मददगार और स्नेही स्वभाव के लिए जाने जाते थे।
मृतक के परिवार ने इस घटना में पिता-पुत्र तुलाराम, पप्पू, संजीव और वकील अहमद के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा और सीओ बहेड़ी डॉ. अरुण कुमार सिंह के मौके पर फोरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटाए।
एसपी मुकेश मिश्रा ने बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। गांव में फिलहाल शांति बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि भूप सिंह हमेशा मेहनती और शांत स्वभाव के थे। उनका परिवार खेती-किसानी में लगा हुआ था और वह गांव में हर किसी के लिए मददगार थे। उनकी अचानक और हिंसक मौत ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है।
यह घटना यह सवाल भी खड़ा करती है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सुरक्षा कितना संवेदनशील मुद्दा है। मानसिक और शारीरिक रूप से मेहनत करने वाले किसान अक्सर रंजिश और विवाद का शिकार हो जाते हैं, और यह घटना इसका एक दर्दनाक उदाहरण है।परिजन और गांव वाले सभी से अपील कर रहे हैं कि आरोपी जल्द से जल्द पकड़े जाएं और न्याय सुनिश्चित हो। भूप सिंह के निधन से उनके परिवार की जिंदगी धुंधली हो गई है, लेकिन ग्रामीण और पुलिस की निगरानी में वे न्याय की उम्मीद बनाए हुए हैं।