26 हजार मानदेय समेत सात मांगों पर अड़ीं आशा कार्यकर्ता
बरेली में आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल जारी है। सीएमओ को दिए प्रार्थना पत्र में 26 हजार रुपये मानदेय, कर्मचारी का दर्जा, स्वास्थ्य बीमा और काम की समय सीमा तय करने समेत सात मांगें उठाई गई हैं।
बरेली में आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल जारी, सीएमओ को सौंपा प्रार्थना पत्र।
26 हजार रुपये एकमुश्त भुगतान, कर्मचारी का दर्जा और स्वास्थ्य बीमा की मांग।
जिला अस्पताल में ठहरने की व्यवस्था और 23 अक्टूबर को लखनऊ जाने की अनिवार्यता पर भी समाधान चाहती हैं कार्यकर्ता।
जन माध्यम
बरेली। गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल जारी है। अपनी मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को प्रार्थना पत्र सौंपकर जल्द समाधान की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है। कार्यकर्ताओं ने 26 हजार रुपये एकमुश्त भुगतान, कर्मचारी का दर्जा, स्वास्थ्य बीमा और काम की समय सीमा निर्धारित करने समेत सात मांगें उठाई हैं।
आशा कार्यकर्ताओं ने अपने प्रार्थना पत्र में 26 हजार रुपये एकमुश्त भुगतान किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी है। इसके साथ ही उन्हें कर्मचारी का दर्जा देने और स्वास्थ्य बीमा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी जिम्मेदारियों और कार्य की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने काम की समय सीमा तय करने की मांग भी उठाई है। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, कार्य संबंधी नियम और जिम्मेदारियां स्पष्ट होने से कामकाज में सहूलियत होगी। उन्होंने शासन और स्वास्थ्य विभाग से उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की है।
आशा कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल में ठहरने के लिए कमरा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा 23 अक्टूबर को लखनऊ जाने की अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर समाधान की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रार्थना पत्र में कुल सात मांगें रखी गई हैं। कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग से सभी मांगों पर विचार कर स्पष्ट निर्णय लेने की अपील की है।
आशा कार्यकर्ता गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित विभिन्न जिम्मेदारियां निभाती हैं। ऐसे में उनकी मांगों को लेकर जारी हड़ताल ने उनके मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। कार्यकर्ताओं ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और जल्द समाधान निकाला जाए।
फिलहाल बरेली में आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल जारी है। अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग और शासन के रुख पर टिकी हैं कि मांगों पर कब और किस तरह निर्णय लिया जाता है।