कानून को रौंदने निकले, खुद ही दबोचे गए

बहेड़ी क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोडिंग जांच के दौरान खनन माफिया ने जांच टीम पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की। पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई में 24 आरोपियों को गिरफ्तार और 37 ओवरलोड ट्रक जब्त।

कानून को रौंदने निकले, खुद ही दबोचे गए
HIGHLIGHTS:

➡️ बहेड़ी में खनन जांच टीम पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश
➡️ उपनिरीक्षक हल्की चोटें; अफरा-तफरी मचा
➡️ प्रशासन और पुलिस ने सघन कार्रवाई की
➡️ 37 ओवरलोड ट्रक जब्त, 3 वाहन सीज

जन माध्यम 
बहेड़ी,बरेली।
क्षेत्र में खनन और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चल रही जांच के दौरान हालात उस वक्त बेकाबू हो गए, जब बिना कागजात दौड़ रहे ट्रकों के चालकों ने जांच टीम को रोकने के बजाय उन्हीं पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश कर दी। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा तफरी मच गई और अधिकारी कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने को मजबूर हो गए। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सीधा हमला थी, बल्कि खनन माफिया की बेशर्मी और दुस्साहस को भी उजागर करती है। घटना गुरुवार की है।

डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर खनन अधिकारी मनीष कुमार अपनी टीम के साथ बहेड़ी क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोडिंग की जांच कर रहे थे। इसी दौरान दर्जनों ट्रक बिना वैध दस्तावेजों के मौके पर पहुंचे। आरोप है कि चालकों ने एकजुट होकर सरकारी टीम पर हमला बोल दिया। इस दौरान बैरिकेडिंग तोड़ दी गई और एक उपनिरीक्षक को हल्की चोटें भी आईं। खनन अधिकारी की तहरीर पर थाना बहेड़ी में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आई। डीएम और एसएसपी के निर्देश पर बहेड़ी पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान वन विभाग तिराहा और नवीन मंडी क्षेत्र से 37 ओवरलोड ट्रक पकड़े गए। इसके अलावा तीन अन्य वाहन भी जब्त कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिए गए। लगातार दबिश के बाद पुलिस ने 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में सलमान, गौस कमर, करन सिंह, चांद, नसीम, सुनील, कासिम, विकास, फुरकान, अनुज, साकिर, नाजिम, राजेश, मुस्तफा, दान सिंह पटेल, इमरान, निजाम, मुजीव, सोहेल, अजरुनदीन, नियासुद्दीन, अनूप गुप्ता उर्फ अनु और सहरूद्दीन शामिल हैं।

सीओ बहेड़ी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने साफ किया है कि खनन माफिया और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।