अर्बन हॉस्पिटल के नए लाइसेंस पर भवन स्वामी ने जताई आपत्ति

अर्बन हॉस्पिटल का पुराना पंजीकरण निरस्त होने के बाद नए लाइसेंस की तैयारी का आरोप लगा है। भवन स्वामी ने एडी हेल्थ से रोक की मांग की।

अर्बन हॉस्पिटल के नए लाइसेंस पर भवन स्वामी ने जताई आपत्ति
HIGHLIGHTS:

पुराने पंजीकरण के निरस्त होने के बाद नए लाइसेंस की तैयारी का भवन स्वामी ने आरोप लगाया।

बिना नई लिखित सहमति और भौतिक सत्यापन के लाइसेंस जारी न करने की मांग की गई।

पुराने दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका जताते हुए एडी हेल्थ से रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई।

जन माध्यम
बरेली।
पूर्व में संचालित अर्बन हॉस्पिटल का पंजीकरण/लाइसेंस विभाग द्वारा निरस्त किए जाने के बाद उसी परिसर में नए सिरे से अस्पताल, क्लीनिक या स्वास्थ्य केंद्र का पंजीकरण कराने को लेकर विवाद सामने आया है। भवन स्वामी अब्दुल मुकीम पुत्र अब्दुल करीम, निवासी ग्राम जाफरपुर, तहसील मीरगंज ने अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, बरेली मंडल को पत्र भेजकर परिसर में किसी भी नए पंजीकरण, नवीनीकरण अथवा अस्थायी लाइसेंस पर रोक लगाने की मांग की है।

भवन स्वामी के मुताबिक, उक्त परिसर में पूर्व में डॉ. फिरोज अहमद द्वारा अर्बन हॉस्पिटल संचालित किया जा रहा था। उनका कहना है कि विभाग द्वारा अस्पताल का पंजीकरण/लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है। पत्र में पंजीकरण निरस्तीकरण के पीछे कथित अनियमितताओं और चिकित्सा संबंधी कमियों का भी उल्लेख किया गया है।

अब्दुल मुकीम ने कहा है कि उन्होंने डॉ. फिरोज अहमद, उनके किसी प्रतिनिधि, सहयोगी, नामित व्यक्ति या किसी तीसरे पक्ष को परिसर में नया अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम या स्वास्थ्य केंद्र शुरू करने के लिए कोई नई एनओसी, सहमति या प्राधिकरण नहीं दिया है। उन्होंने विभाग से नई लिखित सहमति और मौके के भौतिक सत्यापन के बिना किसी तरह का लाइसेंस जारी न करने की मांग की है।

भवन स्वामी ने आशंका जताई है कि पूर्व संचालक या उनके प्रतिनिधि पुराने नाम, पहचान, दस्तावेज अथवा हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर दोबारा पंजीकरण या अस्थायी लाइसेंस हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने बिना उनकी जानकारी और सहमति के इस्तेमाल किए गए किसी भी दस्तावेज को वैध न मानने की मांग की है।

उन्होंने विभागीय रिकॉर्ड में उपलब्ध पूर्व पंजीकरण निरस्तीकरण आदेश की प्रति उपलब्ध कराने और भविष्य में परिसर से संबंधित किसी भी पंजीकरण से पहले स्वामित्व दस्तावेज, उनकी लिखित सहमति तथा मौके का सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही, आपत्ति के बावजूद लाइसेंस जारी होने या परिसर में जबरन प्रवेश की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है।