48 घंटे बाद बहाल हुई देवरनियां के सवा सौ गांवों की बिजली
देवरनियां बिजलीघर में जलभराव और कंट्रोल पैनल में पानी भरने से ठप बिजली आपूर्ति 48 घंटे बाद बहाल हुई। सवा सौ गांवों को राहत मिली।
जलभराव के कारण ठप देवरनियां कस्बे समेत सवा सौ गांवों की बिजली 48 घंटे बाद बहाल हुई।
कर्मचारियों ने गैस की मदद से ब्रेकर में भरा पानी सुखाकर आपूर्ति शुरू कराई।4
बिजलीघर परिसर में जलभराव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
जन माध्यम
देवरनियां, बरेली। देवरनियां बिजलीघर परिसर में जलभराव और कंट्रोल पैनल में पानी भर जाने के कारण ठप हुई देवरनियां कस्बे समेत इलाके के सवा सौ गांवों की बिजली आपूर्ति 48 घंटे बाद सोमवार सुबह बहाल हो सकी। कर्मचारियों ने गैस की मदद से मशीन के ब्रेकर में भरा पानी सुखाया, जिसके बाद आपूर्ति शुरू की जा सकी। बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में 33/11 केवीए बिजलीघर देवरनियां में जलभराव की समस्या सामने आती है। इससे बिजली व्यवस्था प्रभावित होती है।
सात सितंबर को भी चार दिन तक बिजली संकट रहने के बाद शुक्रवार से लगातार तीन दिन हुई बारिश ने बिजलीघर की स्थिति और खराब कर दी। बिजलीघर परिसर पूरी तरह जलभराव की चपेट में आ गया। यहां तक कि कंट्रोल पैनल और फीडर मशीनों में भी पानी पहुंच गया, जिससे बिजली आपूर्ति शुरू करना मुश्किल हो गया।
देवरनियां एसडीओ विशाल कंसल और बिजलीघर के अवर अभियंता सुशील कुमार मिश्रा की निगरानी में कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए। जल निकासी के लिए तहसील प्रशासन के निर्देश पर नगर पंचायत और अन्य लोगों ने भी सहयोग किया।
जल निकासी के बाद कंट्रोल पैनल में ब्रेकर के भीतर भरे पानी को गैस सिलेंडर की मदद से सुखाया गया। इसके बाद सोमवार सुबह करीब 48 घंटे बाद देवरनियां कस्बे समेत सवा सौ गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों ने एसडीओ विशाल कंसल और अवर अभियंता सुशील कुमार मिश्रा का आभार जताया।
इधर, देवरनियां बिजलीघर परिसर में जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बिजलीघर परिसर में स्थित एसडीओ कार्यालय भी पानी की चपेट में है। इससे भविष्य में दोबारा बारिश होने पर बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है।
एसडीओ विशाल कंसल ने कहा, "हमारी पूरी टीम ने मेहनत करके बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है। जल निकासी कराने में तहसील प्रशासन के निर्देश पर नगर पंचायत और अन्य गणमान्य लोगों ने भी मदद की।"