अटल के विचारों को नमन
बहेड़ी में अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर भाजपा नगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने शक्ति केंद्रों और बूथों पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। अटल के विचारों और आदर्शों को दोहराते हुए संकल्प लिया गया।
➡️ बहेड़ी में अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजन
➡️ शक्ति केंद्रों और बूथों पर दी गई श्रद्धांजलि
➡️ नगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने किया नेतृत्व
➡️ अटल जी की कविता का भावपूर्ण पाठ
➡️ कार्यकर्ताओं ने आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
जन माध्यम।
मुम्ताज़ अली। बहेड़ी (बरेली)।
कुछ व्यक्तित्व राजनीति से आगे बढ़कर विचार बन जाते हैं, और कुछ विचार पीढ़ियों को दिशा देते हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर बहेड़ी नगर में यही दृश्य देखने को मिला, जब भाजपा नगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने नगर के विभिन्न शक्ति केंद्रों और बूथों पर जाकर अटल जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर राहुल गुप्ता ने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उपस्थित कार्यकर्ताओं के साथ उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं, बल्कि अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान नगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध कविता का भावपूर्ण वाचन किया—
“टूटे हुए सपनों की कौन सुने सिसकी,
अंतर की चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी,
हार नहीं मानूँगा, रार नहीं ठानूँगा,
काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूँ,
गीत नया गाता हूँ।”
कविता के शब्दों ने वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं और समर्थकों के मन में नई ऊर्जा और संकल्प का संचार किया।
इस अवसर पर भजन लाल गंगवार, अरुण गंगवार, दिनकर गुप्ता, सचिन प्रजापति, शिवेंद्र, राकेश शर्मा, हृदयेश शर्मा, रूप किशोर, विजय पाल, लाल सिंह, धर्मेंद्र रस्तोगी, अवधेश सक्सेना, स्वाति कुमार सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे विचारों की ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जो आज भी समाज और राजनीति को दिशा दे रही है। बहेड़ी में हुआ यह आयोजन उसी विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने का एक प्रयास रहा।