सैंथल: बंदरों के हमले से सात साल का मासूम छत से गिरा, दोनों पैर टूटे, इलाके में दहशत

लाडपुर उस्मानपुर में छत पर खेल रहे 7 वर्षीय अर्श पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। बचाव की कोशिश में बच्चा छत से नीचे गिर गया, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए।

सैंथल: बंदरों के हमले से सात साल का मासूम छत से गिरा, दोनों पैर टूटे, इलाके में दहशत
सांकेतिक चित्र: सैंथल और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों के झुंड का बढ़ता हुआ खतरा।
HIGHLIGHTS:

मकान की छत पर खेल रहे मासूम अर्श पर बंदरों के झुंड ने किया हमला।

बंदरों से बचने की कोशिश में छत से नीचे गिरा बच्चा, दोनों पैरों में हुआ फ्रैक्चर।

सरफराज़ खान। जन माध्यम
सैंथल।बरेली।
थाना क्षेत्र के निकटवर्ती गांव लाडपुर उस्मानपुर में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को बंदरों के हमले की वजह से एक सात वर्षीय मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी जाहिद अंसारी का सात वर्षीय बेटा अर्श अंसारी अपने मकान की छत पर खेल रहा था। इसी दौरान बंदरों का एक झुंड अचानक वहां आ धमका और अर्श पर टूट पड़ा। बच्चे की चीख सुनकर जब तक उसकी मां उसे बचाने दौड़ी, तब तक बच्चा घबराकर छत से नीचे गिर चुका था।

परिजन आनन-फानन में अर्श को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने बताया कि गिरने की वजह से बच्चे के दोनों पैर टूट गए हैं। फिलहाल उसे नवाबगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि वे घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और विरोध करने पर हमला कर देते हैं। इससे पहले भी मोहम्मद नबी की पत्नी कलिया पर हमला कर बंदर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर चुके हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाकर राहत दिलाने की अपील की है।