दरोगा पर वसूली के आरोप से हड़कंप
बरेली के प्रेमनगर थाने में तैनात एक दरोगा पर युवक ने हिरासत में लेकर बेरहमी से मारपीट करने और 50 हजार रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है।
गंभीर आरोप: भमोरा के युवक ने प्रेमनगर के दरोगा शुभम सिंह पर 50 हजार रुपये वसूलने और ब्लैंक पेपर पर दस्तखत कराने का आरोप लगाया।
बेरहमी से पिटाई: पूछताछ के नाम पर थाने बुलाकर युवक को बेरहमी से पीटा गया, जिससे पैर पर गहरे नीले निशान पड़ गए।
दरोगा की सफाई: एसआई ने आरोपों को निराधार बताते हुए इसे चालान के रुपयों के विवाद से जुड़ी एक साजिश करार दिया।
जन माध्यम
बरेली। प्रेमनगर थाने में तैनात एक दरोगा पर युवक को हिरासत में लेकर मारपीट करने, ब्लैंक पेपर पर हस्ताक्षर कराने और 50 हजार रुपये वसूलने के आरोपों से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। मामले में पीड़ित युवक ने पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं आरोपी दरोगा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे पैसों के विवाद से जुड़ा मामला करार दिया है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। भमोरा थाना क्षेत्र के गांव ककंरी निवासी राजुल शंखधार का आरोप है कि प्रेमनगर थाने में तैनात एसआई शुभम सिंह ने उसे पूछताछ के नाम पर थाने बुलाया। युवक के मुताबिक वहां घंटों पूछताछ के बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि दबाव बनाकर उससे एक खाली कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए। पीड़ित का कहना है कि उसे छोड़ने और मामला खत्म करने के नाम पर 50 हजार रुपये भी लिए गए।
दूसरी ओर एसआई शुभम चौधरी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि मामला वाहन नंबर और चालान विवाद से जुड़ा है। एसआई के अनुसार, एक महिला द्वारा वाहन नंबर में बदलाव किए जाने के कारण दूसरे व्यक्ति के नाम पर चालान जा रहे थे। इस मामले में समझौते के दौरान राजुल शंखधार द्वारा महिला से 16 हजार रुपये लेने की बात सामने आई थी। दरोगा का दावा है कि रुपये वापस मांगने पर दबाव बनाने और खुद को बचाने के लिए झूठे आरोप लगाए गए हैं। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग अलग दावे किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।