शाही पुलिस की लापरवाही पर सवाल
शाही क्षेत्र में एक सप्ताह में पांच प्राइमरी स्कूलों में चोरी, पुलिस अब तक एक भी घटना नहीं सुलझा सकी।
➡️ शाही क्षेत्र में 11 दिनों में 5 प्राइमरी स्कूलों में चोरी
➡️ चोरों ने हजारों का सामान, राशन व गैस सिलेंडर तक उड़ाया
➡️ पुलिस अब तक एक भी चोरी का खुलासा नहीं कर सकी
➡️ ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश
➡️ बच्चे व अभिभावक सुरक्षा को लेकर दहशत में
एक हफ्ते में 5वीं चोरी, प्राइमरी स्कूलों में दहशत का माहौल
जन माध्यम
शाही।बरेली। शाही क्षेत्र में चोरी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों के होश उड़ा दिए हैं, लेकिन पुलिस नाकाम नजर आ रही है। ग्यारह दिनों के भीतर बड़ेपूरा प्राइमरी स्कूल, तुरसा पट्टी, खुर्रमपुर, सेवा ज्वालापूर और विक्रमपुर प्राइमरी स्कूलों में चोरी की पांच घटनाएं हुई हैं, जिसमें हजारों रुपये का सामान चोरों ने हाथ लगाया। इसके बावजूद पुलिस एक भी चोरी का खुलासा नहीं कर पाई है। मंगलवार रात को विक्रमपुर प्राइमरी स्कूल से चोरों ने दो गैस सिलेंडर, खाने के बर्तन और बच्चों के खेलने का सामान चोरी कर लिया। प्रधानाध्यापक सुनिता देवी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन चोरों ने मंगलवार की रात को सेवा ज्वालापूर प्राइमरी स्कूल का ताला काटकर लगभग 15-20 हजार रुपये का सामान चोरी कर लिया। प्रधानाध्यापक अमित कुमार ने बताया कि चोरों ने तीन कमरे के ताले काटकर उसमें रखा दो कुंतल बच्चो का राशन, 25 लीटर का कुकर, बड़ा भगौना, ग्रील मशीन, पांच लीटर सरसों का तेल और अन्य स्कूल सामग्री चुरा ली। इसके अलावा, तीनों कमरों में छत वाले पंखे तोड़ दिए और सामान तितर-बितर करके फेंक दिया।
ग्रामीणों की सूचना पर सुबह स्कूल पहुंचे प्रधानाध्यापक ने पूरी स्थिति देखी और थाने में तहरीर दी। स्थानीय लोग अब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं और प्राइमरी स्कूलों को भगवान के भरोसे छोड़ना पड़ रहा है।
थानाध्यक्ष राजेश बैंसला ने इस मामले पर केवल इतना कहा कि स्कूल से कुछ नहीं गया, मौके पर दरोगा भेजा गया था। लेकिन यही जवाब ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ के गुस्से और आक्रोश को बढ़ा रहा है। इलाके के लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शाही पुलिस की कार्यशैली इतनी लचर क्यों है, और क्या बच्चों की सुरक्षा अब केवल दुआओं पर छोड़ दी गई है?