कमिश्नर ने की मण्डल समीक्षा बैठक
कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी ने मण्डल समीक्षा बैठक में रैंकिंग, धान खरीद, स्वास्थ्य और निर्माण कार्यों की प्रगति पर तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
➡️ डैशबोर्ड रैंकिंग की विस्तृत समीक्षा, बरेली तीसरे स्थान पर
➡️ मण्डल में धान खरीद 40.11% तक पहुँची, 96% भुगतान पूरा
➡️ उर्वरक आपूर्ति सुचारू, पराली प्रबंधन पर जोर
➡️ स्वास्थ्य विभाग में 97.82% नियमित टीकाकरण दर्ज
➡️ कम्पोजिट स्कूल निर्माण की धीमी परियोजनाओं पर सख्ती
➡️ 54% युवा उद्यमी ऋण वितरण पूरा—बैंकर्स को लक्ष्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश
➡️ 7 निर्माण परियोजनाएं शुरू न होने पर कारण पूछताछ, तेज़ी लाने के आदेश
डैशबोर्ड रैंकिंग, धान खरीद, स्वास्थ्य और निर्माण परियोजनाओं पर तेज़ी लाने के निर्देश
डेस्क/ जन माध्यम
बरेली। विकास भवन सभागार में कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित मण्डलीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक ढांचे से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत मुख्यमंत्री डैशबोर्ड रैंकिंग की समीक्षा से हुई, जिसमें अक्टूबर माह में बरेली तीसरे, बदायूं 14वें, शाहजहांपुर 22वें और पीलीभीत 26वें स्थान पर रहे। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी रैंक बनाए रखने के लिए सतर्कता और दक्षता से काम करें।
कृषि विभाग की समीक्षा में पराली प्रबंधन, फार्मर रजिस्ट्री और उर्वरक आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि उर्वरक की कोई कमी नहीं है। धान खरीद की समीक्षा में सामने आया कि लक्ष्य के सापेक्ष मण्डल में 40.11% खरीद हो चुकी है। बरेली 56.03%, बदायूं 49.98%, पीलीभीत 31.16% और शाहजहांपुर 39.20% पर हैं। कृषकों को 96.05% भुगतान भी किया जा चुका है। मण्डलायुक्त ने धान खरीद केंद्रों पर बोरों की उपलब्धता एवं मौसम से बचाव के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एम्बुलेंस पिक–ड्रॉप, टीबी मुक्त अभियान, पोषण पोटली वितरण, संस्थागत प्रसव और परिवार नियोजन योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। मण्डल में नियमित टीकाकरण 97.82% दर्ज किया गया। आकांक्षात्मक ब्लॉकों के स्वास्थ्य पैरामीटर पर भी फोकस किया गया। मुख्यमंत्री कम्पोजिट स्कूल निर्माण के तहत बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में जारी परियोजनाओं की स्थिति रखी गई। कई स्थानों पर धनराशि न आने या कार्यदायी संस्थाओं की धीमी गति के कारण कार्य लंबित पाए गए। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। युवा उद्यमी विकास अभियान में 54% ऋण वितरण पूरा हो चुका है। मण्डलायुक्त ने बैंकर्स से शेष लक्ष्य जल्द पूरा करने को कहा।
निर्माण कार्यों की समीक्षा में पाया गया कि 7 परियोजनाएं अभी शुरू नहीं हुई, जिनके कारणों की विस्तृत जांच की गई और कार्य गति बढ़ाने के निर्देश जारी हुए। बैठक में सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी व मण्डल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।