गूगल मैप ने डाली आफत में जान: गोरखपुर में कार रेलवे ट्रैक पर पहुंची, सामने से आई ट्रेन तो उड़ गए होश, जानें फिर क्या हुआ...

गूगल मैप ने डाली आफत में जान: गोरखपुर में कार रेलवे ट्रैक पर पहुंची, सामने से आई ट्रेन तो उड़ गए होश, जानें फिर क्या हुआ...
HIGHLIGHTS:

1. पीडब्ल्यूडी और गूगल के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा 

गोरखपुर। कुछ समय से लोग रास्ता ढूंढने के लिए पूरी तरह से गूगल मैप्स पर निर्भर हो चुके हैं, लेकिन कभी-कभी यह तकनीक जानलेवा साबित हो रही है। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से सामने आया है। यहां गूगल मैप्स की गलती से एक कार सीधा रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई। कार सवार को उस वक्त अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ जब उसने सामने से तेज रफ्तार में मालगाड़ी (गुड्स) ट्रेन को आते देखा।

यह है पूरा मामला 
यूपी के गोरखपुर कैंट इलाके के पास एक कार सवार व्यक्ति किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर के बाहरी इलाके से गोरखपुर शहर की ओर जा रहा था। मगर, उसे रास्ता नहीं पता था। जिसके चलते होने के कारण उसने गूगल मैप्स का सहारा लिया। मगर, तकनीकी गड़बड़ी के चलते गूगल मैप ने उसे एक वैकल्पिक रास्ते से रेलवे ट्रैक की ओर मोड़ दिया। रात के समय कम रोशनी और सुनसान माहौल के कारण ड्राइवर को भनक तक नहीं लगी कि वह रेलवे ट्रैक पर चल रहा है।

ट्रेन आते ही मची अफरा-तफरी
कार जैसे ही रेलवे ट्रैक पर पहुंची और कुछ दूरी पर चली। इसी दौरान सामने से ट्रेन की हेडलाइट नजर आई। ट्रेन को अपनी ओर आते देख कार सवार घबरा गया और जल्दबाज़ी में कार से निकल कर जान बचाने के लिए दौड़ पड़ा। मगर, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने भी शोर मचाया और रेलवे को सूचित किया गया। गनीमत रही कि ट्रेन चालक (लोको पायलट) ने समय रहते ब्रेक लगा दिया और एक बड़ा हादसा टल गया।

रेलवे और पुलिस की तत्परता से टली बड़ी दुर्घटना
इसकी सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। कार को ट्रैक से हटाने के लिए क्रेन की मदद ली गई और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैक को क्लियर किया गया। हालांकि, इस घटना के कारण कुछ समय के लिए रेल यातायात बाधित रहा, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्थानीय लोगों में गूगल मैप्स की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि गूगल जैसी बड़ी तकनीकी कंपनी को ऐसी खतरनाक गलतियों से बचने के लिए अपनी मैपिंग सिस्टम को और सटीक बनाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

बरेली में पुल से कार गिरने पर तीन दोस्तों की गई जान
यूपी के बरेली में पिछले वर्ष तीन युवक गुरुग्राम से बरेली एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया, लेकिन गूगल ने उन्हें एक ऐसे रास्ते की ओर मोड़ दिया, जो दातागंज (बदायूं) से फरीदपुर होते हुए खल्लपुर गांव के पास रामगंगा नदी पर बना एक अधूरा पुल था। रात का समय था, चारों ओर कोहरा फैला हुआ था और पुल पर कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं था। अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं दिया और कार पुल से सीधी नदी में जा गिरी। इसमें तीनों दोस्तों की मौत हो गई थी। 

गूगल मैप्स पर उठे सवाल
यह कोई पहला मामला नहीं है जब गूगल मैप्स के निर्देशों पर चलने से लोग गलत रास्ते पर पहुंच गए हों। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जब लोग नदियों, खतरनाक जंगलों या कच्चे रास्तों में फंस गए हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि तकनीक पर आंख मूंदकर भरोसा करना कभी-कभी खतरनाक साबित हो सकता है।

पीडब्ल्यूडी और गूगल के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा 
इस हादसे के बाद पुलिस ने चार पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के साथ-साथ गूगल मैप्स के संबंधित अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।गूगल मैप पर यह अधूरा पुल कैसे दिखाया गया और पीडब्ल्यूडी ने उस पर बैरिकेडिंग क्यों नहीं लगाई।