श्मशान रास्ते पर संग्राम: किसानों की भूख हड़ताल, प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम

बरेली के मुड़िया अहमद नगर में श्मशान भूमि के रास्ते को लेकर किसानों का आंदोलन तेज, भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू।

श्मशान रास्ते पर संग्राम: किसानों की भूख हड़ताल, प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम
श्मशान रास्ते पर संग्राम: किसानों की भूख हड़ताल, प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम
श्मशान रास्ते पर संग्राम: किसानों की भूख हड़ताल, प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम
HIGHLIGHTS:

श्मशान रास्ते को लेकर किसानों की भूख हड़ताल शुरू।

भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले धरना प्रदर्शन।

प्रशासन को 24 घंटे में समाधान का अल्टीमेटम।

सैय्यद शाहाबुद्दीन । जन माध्यम

बरेली। मुड़िया अहमद नगर बरेली में श्मशान भूमि तक जाने वाले रास्ते को लेकर विवाद अब गंभीर आंदोलन का रूप ले चुका है। ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने गांव में उग्र धरना प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

किसानों का आरोप है कि श्मशान भूमि तक जाने वाले पारंपरिक रास्ते को कुछ लोगों द्वारा जबरन बंद कर दिया गया है, जिससे गांव के लोगों को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील समय में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता वर्षों से उपयोग में रहा है, लेकिन अब उसे बंद कर दिए जाने से पूरे गांव में नाराजगी और असंतोष फैल गया है।

धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि इस मामले को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया। कई बार ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई न होने के कारण किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिलाध्यक्ष केशव सिंह सोलंकी ने कहा कि यह सिर्फ रास्ते का मुद्दा नहीं, बल्कि गांव के सम्मान और अधिकार का सवाल है। उन्होंने बताया कि अगर प्रशासन जल्द इस समस्या का समाधान नहीं करता तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि फिलहाल यह आंदोलन बरेली में चल रहा है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो इसे पूरे प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। किसान संगठन इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है और जब तक श्मशान भूमि के रास्ते का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।

धरना स्थल पर किसानों की बड़ी संख्या मौजूद रही। आंदोलन में जिला सचिव अर्जुन यादव, गुड्डू समेत सैकड़ों किसान शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

किसानों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा। फिलहाल पूरे इलाके की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।