रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 23वां दीक्षांत समारोह
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में 94 छात्रों को स्वर्ण पदक और 113 को पीएचडी की उपाधि दी गई। दो राज्यपालों की मौजूदगी में कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नए निर्माण कार्यों और डिजिटल लर्निंग हब का लोकार्पण किया।
➡️ रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 23वां दीक्षांत समारोह संपन्न।
➡️ 94 छात्रों को स्वर्ण पदक, 113 को पीएचडी उपाधि मिली।
➡️ दो राज्यपालों आनंदीबेन पटेल व संतोष गंगवार की मौजूदगी।
➡️ डिजिटल लर्निंग हब व नए छात्रावासों का लोकार्पण।
➡️ समारोह में छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी।
94 गोल्ड मेडलिस्ट और 113 पीएचडी धारकों ने दिखाई मेधा
जन माध्यम
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 23वां दीक्षांत समारोह गुरुवार को पूरे शान-ओ-शौकत के साथ संपन्न हुआ। अटल सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मंच पर एक साथ दो राज्यपाल मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार विशेष अतिथि के तौर पर मंच पर मौजूद रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस समारोह को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए सभी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा।
इस बार के दीक्षांत समारोह में कई नए आयाम जुड़े। विश्वविद्यालय ने पहली बार डीलिट D.Litt की उपाधि प्रदान करने का निर्णय लिया। कुल 94 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया, जबकि 113 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई।
मुख्य वक्ता के रूप में आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव अहूजा ने छात्रों को सफलता और नवाचार के मंत्र दिए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “ज्ञान की यात्रा कभी खत्म नहीं होती। आज की मेहनत और समर्पण कल आपके करियर की नींव बनाएंगे। नवाचार और अनुसंधान ही भविष्य की दिशा तय करेंगे।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्य मंत्री रजनी तिवारी, सांसद, विधायक और शहर के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समारोह से पहले विश्वविद्यालय परिसर में बने कई नए निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
इनमें डिजिटल लर्निंग हब, अंतरराष्ट्रीय छात्रावास, स्वर्ण जयंती द्वार, पुरुष छात्रावास में बना क्रिकेट स्टेडियम और प्रो. एस.बी. सिंह ऑडिटोरियम शामिल हैं विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावासों के नाम भी बदल दिए। अब मुख्य छात्रावास को ‘अरावली छात्रावास’, न्यू बॉयज हॉस्टल को ‘नीलगिरि छात्रावास’ और पीजी हॉस्टल को ‘मानसरोवर छात्रावास’ के नाम से जाना जाएगा। इससे परिसर की पहचान में आधुनिकता और विशिष्टता आई है।दो राज्यपालों की मौजूदगी को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस, बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीमें परिसर में तैनात रहीं। जिला प्रशासन ने सुरक्षा अधिकारियों के ठहरने और आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम किए। पूरे दिन कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत रही कि किसी प्रकार की व्यवधान की संभावना नहीं रही।
मंच पर बुलाए गए 94 मेधावियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। इनमें बीएड, बीएलएड, एमएससी, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमबीए, एलएलबी, एलएलएम और बीफार्मा सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्र शामिल थे।उनमें से कुछ प्रमुख मेधावियों में नमिता सिंह बीएड, शिल्पी सिंह बीएलएड, जयंती एमएससी भौतिक विज्ञान, हुदा खान एमएससी जूलॉजी,अर्जुन सिंह एमएससी गणित,विशेक कुमार एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, श्वेता सिंह बीएससी बायोटेक्नोलॉजी, विवेक कटियार बीए वार्षिक,अभय कांत एमएससी इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, स्नेहा वर्मा बीकॉम कंप्यूटर शामिल थे।इसके अतिरिक्त, एमए, एमकॉम, एमएसडब्ल्यू, बीटेक, बीफार्मा और अन्य पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। यह छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए गर्व और खुशी का पल था।
दीक्षांत समारोह न केवल छात्रों के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और नए निर्माण कार्यों का प्रदर्शन भी है। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रगति, शोध और नवाचार को दिखाया।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल डिग्री और उपाधि तक सीमित नहीं है। यह जीवन के हर पहलू में मार्गदर्शन देती है। छात्रों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और देश के विकास में करना चाहिए।उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि परिसर में हुए नए निर्माण और छात्रावासों के नामकरण से छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित हुई हैं।
छात्रों और उनके अभिभावकों ने समारोह को यादगार बताया। उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत न केवल उनकी मेहनत का सम्मान है, बल्कि भविष्य की दिशा में प्रेरणा का स्रोत भी है। शिक्षक और गणमान्य लोग भी छात्रों की उपलब्धियों से प्रभावित हुए और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई और परिसर का वातावरण उन्हें हमेशा सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा। डिजिटल लर्निंग हब और आधुनिक छात्रावास जैसी सुविधाएं उनकी शैक्षणिक यात्रा को और सहज और गुणवत्तापूर्ण बनाती हैं।